Tuesday, September 22

नगड़ी जमीन बचाओ आंदोलन से किनारा कर चुकी भाजपा
छात्रों के हित के लिए उठने वाली आवाज में भी कांग्रेस ने दी मात
रोजगार के मुद्दों पर भी दो साल से खामोश भाजपा
क्या हेमंत सोरेन के दाव से चित्त पड़ रहे भाजपा नेता

झारखंड में 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद जब हेमंत सोरेन की सरकार सत्ता में आयी और भाजपा को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया तब भाजपा नेताओं के बयान ऐसे आए जैसे झारखंड विधानसभा को विपक्ष इस बार कड़ी चुनौती देगी. लेकिन वक्त गुजरने के साथ साथ भाजपा करे वरिष्ठ नेता केवल बयानव देते नजर आ रहे हैं. सड़क पर होने वाले आंदोलन में भाजपा पूरी तरह फेल नजर आ रही है. हर आंदोलन को भाजपा के नेता हवा दे रहे, शुरुआत में चेहरा भी खूब चमका रहे लेकिन धीरे धीरे मैदान से पीछे हटते जा रहे हैं. आंदोलन में जनता को आगे करने के बाद इस तरह पीछे हटना भाजपा की राजनिती की कौन सी रणनीति है यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.

नगड़ी जमीन बचाओ आंदोलन में खूब चमके संजय सेठ और बाबूलाल

रिम्स 2 के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित जमीन कांके के नगड़ी मौजा में चिन्हीत की गयी. इस जमीन के संबंध में जैसे ही नगड़ी के लोगों को जानकारी मिली वहां भारी विरोध शुरु हुआ. जनआंदोलन को देखते हुए रांची के लोगों ने विपक्ष से कई उम्मीदें लगायीं. शुरु शुरु में राज्यसभा सांसद सह रक्षा रादज्यमंत्री संजय सेठ और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के चेहरे भी खूब चमके लेकिन समय के साथ इन बड़े नेताओं को तो छोड़ दीजिए कांके विधानसभा पर टकटकी लगाए भाजपा नेता कमलेश राम तक नजर आना बंद हो गए. अब नगड़ी के ग्रामीण गली गली भटक रहे हैं लेकिन भाजपा किसी मंच पर उनके साथ नजर नहीं आ रही और रिम्स 2 की जमीन की बाउंड्री बेधड़क चल रही है.

छात्रों के लिए कांग्रेस सड़क पर भाजपा कैमरे पर

छात्रों के हित की बात के लिए एनटीए द्वारा आयोजित होने वाले परीक्षाओं को लेकर कांग्रेस सड़क से सदन तक केन्द्र सरकार को घेर रही है लेकिन राज्य स्तर पर होने वाली परीक्षाओं में भाजपा केवल कैमरे पर नजर आ रही है. छात्रों की गूंज के नाम से कांग्रेस देशभर में अभियान चलाकर बच्चों को जोड़ने का काम कर रही है लेकिन भाजपा राज्य स्तर पर पूरी तरह फिसड्डी होकर रह गई है. झामुमो किसी भी स्तर पर विरोध की राजनीति से साफ बचता नजर आ रहा है. मतलब साफ है कि केन्द्र के विरोध में झारखंड के छात्र छात्राओं के लिए ना झामुमो आंदोलन में उतरेगा वहीं दूसरी तरफ भाजपा भी राज्य सरकार के विरोध को कैमरे तक ही सीमित रख राजनीति करती रहेगी.

स्वास्थ्य व्यवस्था पर मुखर लेकिन इरफान पर कौन करे कार्रवाई

स्वास्थय विभाग एक ऐसा विभाग बन गया है जिसको लेकर मीडिया से लेकर विपक्ष तक आक्रामक तो होता है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर कार्रवाई करे तो कौन करे. गुमला और जामताड़ा में हुई मौत के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है. इसके अलावा रिम्स के बिगड़ते हालात को लेकर भी इरफान अंसारी को कई बार घेरा गया लेकिन नए शगुफों के साथ इरफान हर बार अपने फन से विरोधियों को सर कुचल डाल रहे हैं

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SURBHI SHIPRA is a news editor, content writer , and graphic designer with experience in digital journalism and online media . she specializes in editing news ,articles, content writing, fact-checking , and creating engaging digital content . Along with editorial work, She designs eye-catching graphic and YouTube thumbnails . She is committed to delivering accurate, informative , and reader- focused content with creativity and professionalism. currently working as a journalist at Jharkhand Digital

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