पंडरा थाना कस्टडी मामले में पति का बड़ा दावा — पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल
पंडरा थाने के भीतर महिला द्वारा आत्महत्या की कोशिश के मामले में अब पीड़िता के पति दिनेश कुमार ने हमारे संवाददाता को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया है। दिनेश ने पूरी घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा देते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
“एक रात पहले हुई थी गिरफ्तारी”
दिनेश कुमार के मुताबिक, पड़ोसी के घर में हुई चोरी के मामले में एक रात पहले पुलिस ने उन्हें, उनकी पत्नी और पत्नी के भाई अमन सिन्हा को हिरासत में लिया था। दिनेश बताते हैं कि तीनों का नाम एफआईआर में दर्ज था — उनका खुद का नाम, पत्नी का नाम और साले अमन सिन्हा का नाम।
“हवालात में नहीं, कमरे में साथ रखा गया था”
दिनेश ने बताया कि उन्हें और उनकी पत्नी को थाने के लॉकअप में नहीं, बल्कि एक कमरे (केबिन) में एक साथ रखा गया था। सुबह करीब पांच बजे दोनों को हाजत में लाया जाना था। दिनेश के अनुसार, वे दोनों सुबह पांच बजे तक उसी कमरे में साथ थे, लेकिन जैसे ही वे कुछ देर के लिए बाहर निकले, उसी दौरान उनकी पत्नी ने पुलिस हिरासत में आत्महत्या की कोशिश कर ली।
दिनेश ने बताया कि उस वक्त कमरे के बाहर कई पुलिसकर्मी मौजूद थे, जिनमें एक महिला कांस्टेबल भी तैनात थी। अपनी पत्नी के साथ हुई इस घटना से दिनेश पूरी तरह टूट चुके हैं।
“जेवरात मिलने के बाद भी हुई यह घटना”
घटनास्थल पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति के हवाले से यह भी सामने आया कि पीड़िता ने कथित तौर पर चोरी की बात कबूल कर ली थी और उसकी निशानदेही पर ही चोरी के गहने बरामद किए गए थे। यानी जेवरात बरामद होने और अपराध स्वीकार किए जाने के बाद यह घटना हुई।
