Wednesday, October 14

गुमला: लंबे समय तक माओवादी संगठन में सक्रिय रहे और 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर रामप्रसाद लकड़ा उर्फ अशोक उर्फ प्रसाद लकड़ा को गुमला की अदालत ने दोषी करार दिया है। चैनपुर थाना क्षेत्र के चर्चित नक्सली कांड में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने उसे आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के तहत दोषी माना है। अब उसकी सजा कितनी होगी, इसका फैसला 13 अक्टूबर को होगा।

रामप्रसाद लकड़ा पर 13 पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप रहा है। पुलिस के अनुसार, वह करीब 22 वर्षों तक माओवादी गतिविधियों से जुड़ा रहा और संगठन में उसकी मजबूत पकड़ थी। उसकी सुरक्षा में अक्सर 35 से 40 हथियारबंद नक्सली मौजूद रहते थे।

2015 में मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था

रामप्रसाद लकड़ा की गिरफ्तारी 11 जून 2015 को हुई थी। चैनपुर थाना क्षेत्र के कटकाही नाला जंगल के पास पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के बाद पुलिस ने रामप्रसाद समेत तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया था।

इसके बाद मामले की सुनवाई अदालत में चलती रही। करीब एक दशक बाद अब कोर्ट ने रामप्रसाद लकड़ा को संबंधित धाराओं में दोषी करार दिया है।

13 अक्टूबर को तय होगी सजा

अदालत के इस फैसले के बाद अब सभी की नजर 13 अक्टूबर की सुनवाई पर है। इसी दिन कोर्ट रामप्रसाद लकड़ा की सजा का ऐलान करेगा।

13 पुलिसकर्मियों की हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी रहे इस माओवादी कमांडर को दोषी ठहराए जाने का फैसला नक्सली गतिविधियों से जुड़े पुराने मामले में अहम न्यायिक पड़ाव माना जा रहा है।

Share.
Next Story
इरफान अंसारी समेत तीन खिलाड़ियों की मौत…
Exit mobile version