रांची में एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट, डूरंड कप के 135वें संस्करण की ट्रॉफी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संस्कृति को जीवित रखना ही जीवन की सार्थकता है, और भारतीय सेना द्वारा रांची को यह अवसर दिया जाना राज्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।
यह पहला मौका है जब यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रांची में आयोजित होने जा रहा है, जिसे झारखंड के लिए गौरव का विषय बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य की खेल प्रतिभाओं ने देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है, और यह आयोजन उस पहचान को और मजबूत करेगा। राज्य सरकार ने टूर्नामेंट को भव्य और यादगार बनाने का भरोसा दिलाया है।
1888 में स्थापित डूरंड कप, फुटबॉल की समृद्ध विरासत और जुनून का प्रतीक माना जाता है। इस सीज़न में 24 टीमें छह ग्रुपों में विभाजित होकर हिस्सा लेंगी, और मुकाबले कोलकाता, गुवाहाटी, शिलांग, इंफाल और रांची — इन पांच शहरों में खेले जाएंगे। टूर्नामेंट की शुरुआत मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच बहुप्रतीक्षित कोलकाता डर्बी से होगी।
135वां डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा।



