Wednesday, October 28

90 से अधिक कथित शेल कंपनियों के नेटवर्क से जुड़ा है मामला, ED की जांच के बीच शिवकुमार देवड़ा को राहत मिलेगी या जेल में रहना होगा, अब अदालत के आदेश पर नजर

रांची/जमशेदपुर। 90 से अधिक कथित फर्जी कंपनियां, 14,325 करोड़ रुपये के फर्जी चालान और 730 करोड़ रुपये से अधिक के अनुचित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दावे। जमशेदपुर का बहुचर्चित जीएसटी घोटाला अपने बड़े वित्तीय आंकड़ों और जांच के दायरे को लेकर चर्चा में है। इस मामले के आरोपी शिवकुमार देवड़ा की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में अदालत के आदेश का इंतजार है।

फर्जी चालानों के कथित नेटवर्क से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित घोटाले में 90 से अधिक शेल कंपनियों के जरिए फर्जी कारोबार और चालानों का नेटवर्क तैयार किए जाने का आरोप है। इन कंपनियों के नाम पर करीब 14,325 करोड़ रुपये के फर्जी चालान बनाए गए। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर 730 करोड़ रुपये से अधिक के अनुचित जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई।

इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC वह व्यवस्था है, जिसके तहत कारोबारी निर्धारित शर्तों के अनुसार खरीद पर चुकाए गए जीएसटी का क्रेडिट लेकर बिक्री पर देय टैक्स की देनदारी कम कर सकते हैं। आरोप है कि इसी व्यवस्था का कथित तौर पर दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टैक्स लाभ लेने की कोशिश की गई।

जीएसटी जांच से शुरू हुआ मामला, अब ईडी भी कर रही पड़ताल

इस मामले में शुरुआत में जीएसटी इंटेलिजेंस की ओर से कार्रवाई की गई थी। तत्कालीन जीएसटी अधिकारी दिनेश सिंह के बयान के आधार पर मामले में कार्रवाई शुरू होने की जानकारी सामने आई थी। जांच के दौरान शिवकुमार देवड़ा, सुमित गुप्ता और अमित गुप्ता समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामले में ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। ईडी की जांच का उद्देश्य कथित आर्थिक अपराध से जुड़े लेन-देन और उससे संबंधित अन्य पहलुओं की पड़ताल करना है। एजेंसी इस मामले में शिवकुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा, जमशेदपुर के जुगसलाई निवासी कारोबारी विक्की भालोटिया और कोलकाता के कारोबारी अमित गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी है।

हाईकोर्ट में जमानत पर दोनों पक्षों की दलीलें पूरी

शिवकुमार देवड़ा की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष रखा। ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और सौरव कुमार ने अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया।

फिलहाल अदालत की ओर से जमानत याचिका पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया गया है। ऐसे में शिवकुमार देवड़ा को जमानत मिलेगी या उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा, यह अदालत के आदेश के बाद स्पष्ट होगा।

अब अदालत के फैसले पर टिकी निगाहें

करीब 730 करोड़ रुपये के कथित अनुचित टैक्स क्रेडिट दावों से जुड़े इस मामले में जमानत याचिका पर फैसला कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। एक ओर जांच एजेंसियां कथित फर्जी कंपनियों, चालानों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी की जमानत पर अदालत को निर्णय लेना है।

हालांकि, जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने और आदेश सुरक्षित रखे जाने का अर्थ यह नहीं है कि जमानत मंजूर या खारिज हो गई है। अब इस बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

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