रांची से स्मिता चौबे ने लिया हिस्सा, संगठन के भावी कार्यक्रमों और सामाजिक मुद्दों पर हुई चर्चा
भगवान श्री जगन्नाथ की नगरी पुरी के टाउन हॉल में 29 और 30 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदू संगठन का दो दिवसीय वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन एवं 14वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देशभर से संगठन के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। झारखंड के रांची जिला वीरांगना प्रकोष्ठ की अध्यक्ष स्मिता चौबे भी अधिवेशन में शामिल हुईं।

अधिवेशन के दौरान संगठन के आगामी कार्यक्रमों, सामाजिक मुद्दों और सनातन समाज से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। संगठन के अनुसार, 30 सितंबर 2013 को सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, संरक्षण और सामाजिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई थी। संगठन ने 13 वर्ष की यात्रा पूरी होने के अवसर पर आगे की गतिविधियों और संकल्पों को लेकर विचार-विमर्श किया।
राजनीतिक विकल्पों पर स्मिता चौबे ने रखी बात
अधिवेशन को संबोधित करते हुए स्मिता चौबे ने संगठन के भविष्य के राजनीतिक रुख को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राष्ट्रीय हिंदू संगठन सनातन समाज से जुड़े संभावित राजनीतिक विकल्पों पर गंभीरता से विचार करेगा। उनके अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर संगठन से जुड़े कार्यकर्ता संसद और विधानसभाओं तक पहुंचकर समाज के अधिकारों, संस्कृति, पहचान और सामाजिक एकता से जुड़े मुद्दों को उठाने की दिशा में काम कर सकते हैं।
स्मिता चौबे ने कहा कि यह प्रयास किसी राजनीतिक दल, व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ अभियान के रूप में नहीं होगा, बल्कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीकों के माध्यम से अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सामने रखने की दिशा में होगा।
‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा पर विमर्श का आह्वान
अधिवेशन में ‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा को लेकर भी चर्चा हुई। संगठन की ओर से इस विषय पर तथ्यपूर्ण, शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में राष्ट्रीय विमर्श की बात कही गई। संगठन के अनुसार, उसकी नजर में यह अवधारणा सनातन सांस्कृतिक मूल्यों, धर्म, कर्तव्य, न्याय, सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध से जुड़ी है।
युवाओं और महिलाओं की भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में युवाओं की सामाजिक भागीदारी को लेकर भी जोर दिया गया। संगठन की ओर से युवाओं से ज्ञान, अनुशासन, सेवा, त्याग और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे आने का आह्वान किया गया।
अधिवेशन के समापन पर स्मिता चौबे ने महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा सामाजिक सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की बात कही। दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान संगठन के आगामी कार्यों और सामाजिक गतिविधियों को लेकर प्रतिनिधियों के बीच विचार-विमर्श हुआ।


