नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में पर्यटकों और यात्रियों के लापता होने की खबर सामने आई है। नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से जारी स्थिति अपडेट के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से कुल 644 लोगों के लापता होने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। इनमें 178 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने 27 अगस्त को जारी आंकड़ों में बताया कि लापता लोगों की सूची ट्रेकिंग और ट्रैवल कंपनियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बोर्ड के मुताबिक, सूची में 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, ये आंकड़े अभी अंतिम नहीं हैं और संबंधित ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सभी सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है।
चार जिलों में फ्लैश फ्लड का असर
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह करीब 8:30 बजे रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और गोरखा क्षेत्र में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। नदी किनारे के इलाकों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जबकि कई जगहों पर नदी के किनारे और आसपास के क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
बोर्ड ने बताया कि प्रभावित इलाकों में मौजूद या वहां से गुजर रहे पर्यटकों और यात्रियों की सुरक्षा और स्थिति का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। घायल और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू और इवैक्यूएशन ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है।
भारतीयों की संख्या ने बढ़ाई चिंता
लापता लोगों की सूची में 178 भारतीयों का नाम सामने आना भारत के लिए भी चिंता बढ़ाने वाला आंकड़ा है। खासकर नेपाल घूमने गए पर्यटकों और ट्रैवल समूहों के परिवार अब अपने परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, पर्यटन बोर्ड ने साफ किया है कि सूची प्रारंभिक है और इसकी पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने लोगों से आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। आपात स्थिति में नेपाल का टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस का नंबर 9851289445 जारी किया गया है।
नेपाल में फ्लैश फ्लड से हुई तबाही का असर सिर्फ लोगों के लापता होने तक सीमित नहीं है। वहां के पूर्व प्रधानमंत्री झाला नाथ खनल द्वारा उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बाढ़ और उसके बाद की तबाही में करीब 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, अब तक की जानकारी में 160 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है, जबकि 500 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
हालांकि, अलग-अलग एजेंसियों से मिल रही सूचनाओं में आंकड़ों का अंतर है और स्थिति स्पष्ट होने के साथ मृतकों व लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है। ऐसे में राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं।
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