झारखंड पुलिस ने तैयार किया आपरेशन C 360
अगले हफ्ते से कंप्यूटर पर रहेगी अपराधियों की कुंडली
झारखंड पुलिस अपराधियों के खिलाफ आपरेशन C 360 लांच करने वाली है. इस आपरेशन की शुरुआत अगले हफ्ते से पलामू जिला से की जाएगी. पलामू पुलिस की हिटलिस्ट में शामिल कुख्यात अपराधी डब्लू सिंह, सुजीत सिन्हा समेत करीब 2000 अपराधी हर वक्त पुलिस रडार पर रहेंगे. इस लिस्ट में शामिल ज्दातर अरपराधी नारकोटिक्स, आर्म्स एक्ट और प्रॉपर्टी ऑफेंस से जुड़े हैं. आपराधिक संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस ने तीन अलग-अलग स्पेशल टीम गठित की है.
क्या है आपरेशन C 360
आपरेशन C 360 के तहत राज्य पुलिस अब हर अपराधी का डीजिटल डेटाबेस बनाकर अपडेट रहेगी. इस डेटाबेस में अपराधी का सारा डिटेल जैसे उसका आधार नम्बर, मोबाइल नम्बर , पैन कार्ड, पासपोर्ट समेत कई दस्तावेज अपलोड किये गए हैं.
रिश्तेदार और संबंधियों का डिटेल फोटो के सारे डिटेल्स इस डेटाबेस में उपलब्ध रहेंगे. इसमें रिश्तेदारों के मोबाइल नम्बर से लेकर उनकी फोटो, एड्रेस समेत अन्य आवश्यक जानकारियों को संरक्षित रखा जाएगा.
अपराधियों की पूरी सम्पत्ती की जानकारी स्थायी पता के साथ Latitude longitude की पूरी डिटेल्स और फोटो के साथ रखी जाएगी. साथ ही जहां का पता होगा उसके आस पास रहने वाले लोगों के भी डिटेल्स सेफ रखे जाएंगे.
कई अपराधियों के खिलाफ Cca समेत अन्य कार्रवाई की जा रही है. कई अपराधी जमानत पर हैं और कई फरार भी हैं. कंप्यूटर पर ऐसे अपराधियों के सामने उनकी वर्तमान स्थिति उलब्ध रहेगी. सब कुछ ठीक रहने पर उनके नाम से सामने हरा फ्लैग रहेगा जबकि थोड़ी भी कार्रवाई दिखने पर वहां लाल फ्लैग हो जाएगा. इसमें पेंडिंग केस की पूरी हिस्ट्री मौजूद रहेगी.
किसी भी अपराधी के बेलबांड पर साइन करने वाले बेलर की पूरी डिटेल अब राज्य पुलिस के पास सूरक्षित रहेगी. यह प्रक्रीया अपराधी के जमानत लेते के साथ पूरी की जाएगी ताकि बाद में डटेल्स निकालने की जरुरत ना पड़े. बेलर पर नकेल कसने की पूरी तैयारी की गयी है क्योंकि अधिकांश मामलों में बेलर फरजी नाम पता दे रहे हैं.
राज्य को सेनीटाइज करने करने का प्रयास
नारकोटिक्स, आर्म्स एक्ट और प्रॉपर्टी ऑफेंस से जुड़े अपराधियों के खिलाफ मुकदमों के लिए पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है. तीनों टीम का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी कर रहे हैं. पलामू से शुरु होकर यह मुहिम पूरे राज्य में चलाई जाएगी ताकि झारखंड को सेनीटाइज करने और आपराधिक गतिविधि को खत्म करने में आसानी हो.
मेदिनीनगर, चैनपुर और लेस्लीगंज के रडार पर है सबसे अधिक लोग
पलामू पुलिस की सूची में आपराधिक बैकग्राउंड वाले सबसे अधिक मेदिनीनगर, चैनपुर और लेस्लीगंज के इलाके के लोग हैं. चैनपुर में 330 लोगों पर सर्विलांस शुरू किया गया है, जबकि 100 लोग ऐसे हैं जो बाहर के रहने वाले हैं और चैनपुर में मुकदमा दर्ज है. लेस्लीगंज के इलाके में 100 लोगों पर सर्विलांस शुरू किया गया है. जबकि मेदिनीनगर के इलाके में 350 से अधिक लोगों पर निगरानी शुरू की गई है. इस सूची में कई ऐसे बड़े नाम हैं, जो संगठित अपराध से जुड़े हुए हैं. सूची में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं या उनके गतिविधि आपराधिक संगठनों से जुड़ी हुई है. पुलिस ने वैसे लोगों को चिन्हित किया है, जिनके खिलाफ पिछले एक दशक में गंभीर अपराध के मामले दर्ज हुए हैं या पिछले एक दशक में वह आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है.
वर्जन
पुलिस ऐसे अपराधियों का डेटाबेस तैयार कर चुकी है और राज्य के लिए सरदर्द बन गए हैं. इस डेटाबेस में अपराधियों के साथ साथ नके सगे संबंधियों, बेलर समेत तमाम जानकारियां अपडेट रहेंगी. आपरेशन C 360 के तहत हर वक्त इन अपराधियों की पूरी कुंडली पुलिस के पास मौजूद रहेगी जो समय समय पर अपडेट भी होती रहेगी. अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी की जा चुकी है.



