सिमडेगा। झारखंड के सिमडेगा जिले के केरसई थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जोलेन कुजूर के रूप में हुई है। आरोप है कि शिक्षक लंबे समय से बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था और इस बारे में किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी भी देता था। पीड़िता की नानी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।
मामले की जानकारी सोमवार को डीएसपी मुख्यालय रणवीर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर केरसई थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पीड़िता की नानी ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
पुलिस के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को पीड़िता की नानी ने केरसई थाना में लिखित आवेदन देकर मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में आरोप लगाया गया कि आरोपी शिक्षक लंबे समय से बच्ची के साथ जबरन दुष्कर्म कर रहा था। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने बच्ची को इस बारे में किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की कम उम्र को देखते हुए पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया। आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी
पुलिस ने इस मामले में केरसई थाना कांड संख्या 26/26, दिनांक 11 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 65(2) और 351(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4/6 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने के लिए बनाया गया है। नाबालिगों से जुड़े ऐसे मामलों में कानून के तहत गंभीर कार्रवाई का प्रावधान है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई कार्रवाई
डीएसपी मुख्यालय रणवीर सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर केरसई थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है। फिलहाल पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
नाबालिग की पहचान रखी गई गोपनीय
नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसी को ध्यान में रखते हुए बच्ची की पहचान गोपनीय रखी गई है। मामले से जुड़ी जानकारी साझा करते समय पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले किसी भी विवरण से बचना आवश्यक है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और उनके लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है। शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद पर कार्यरत व्यक्ति के खिलाफ इस तरह के गंभीर आरोप सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
फिलहाल सिमडेगा पुलिस आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार करने के बाद मामले की जांच में जुटी है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।


