चतरा: टंडवा स्थित आम्रपाली कोल परियोजना में कार्यरत NCC कंपनी पर मजदूरों ने निर्धारित शर्तों के अनुरूप मजदूरी नहीं देने का आरोप लगाया है। मजदूरों का दावा है कि उन्हें प्रतिदिन महज 541 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जबकि टेंडर की शर्तों में संबंधित कार्य के लिए निर्धारित राशि का उल्लेख है। इस आरोप के बाद कंपनी की कार्यप्रणाली और श्रम विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
टेंडर में तय मजदूरी और भुगतान पर सवाल
मजदूरों का कहना है कि कोयला परियोजना में जोखिम भरे माहौल में काम करने के बावजूद उन्हें निर्धारित मजदूरी का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। उनका सवाल है कि प्रतिदिन 541 रुपये का भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है और क्या यह राशि टेंडर की शर्तों तथा लागू न्यूनतम मजदूरी के नियमों के अनुरूप है।
श्रम विभाग और CCL प्रबंधन से जांच की मांग
मजदूरों ने श्रम विभाग, CCL प्रबंधन और परियोजना के संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि टेंडर में निर्धारित मजदूरी का वास्तविक भुगतान से मिलान किया जाए। यदि नियमों के विरुद्ध भुगतान की पुष्टि होती है, तो बकाया अंतर राशि दिलाने के साथ जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
NCC प्रबंधन का पक्ष नहीं आया सामने
मामले में NCC के जीएम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस कारण कंपनी का पक्ष सामने नहीं आ सका है।
अब सवाल यह है कि मजदूरों को 541 रुपये प्रतिदिन देने का आधार क्या है और क्या भुगतान टेंडर की शर्तों के अनुरूप हो रहा है?


