चतरा: मगध-आम्रपाली कोयला परियोजना से जुड़े चर्चित टेरर फंडिंग मामले में झारखंड हाईकोर्ट से सात आरोपियों को जमानत मिलने के बाद कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के बीच राहत की उम्मीद जगी है। भीखन गंझू और बिंदु गंझू समेत सात आरोपियों को मिली इस कानूनी राहत को क्षेत्र के कारोबारियों के लिए अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। आरोपियों के जेल में रहने के दौरान कामकाज में आ रही परेशानियों के बीच अब कारोबारियों को हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
जमानत की खबर से कोयला कारोबारियों को राहत की उम्मीद
मगध-आम्रपाली क्षेत्र में कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के बीच इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से कामकाज को लेकर अनिश्चितता की चर्चा रही है। कारोबारियों से जुड़े दावों के मुताबिक, कमेटी के नाम पर कथित वसूली और अलग-अलग कारणों से कई बार काम रोकने जैसी स्थितियां सामने आती थीं। ऐसे में सात आरोपियों को जमानत मिलने के बाद कारोबारियों के बीच राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, जमानत मिलने से क्षेत्र में कारोबार की स्थिति तत्काल बदल जाएगी, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा कि इस फैसले का कोयला कारोबार की गतिविधियों पर कितना असर पड़ता है।
भीखन गंझू और बिंदु गंझू समेत सात को मिली राहत
झारखंड हाईकोर्ट ने विनोद कुमार गंझू, विंदेश्वर गंझू उर्फ बिंदु गंझू, बीरबल गंझू, भीखन गंझू, अमर सिंह भोक्ता, प्रेम विकास और अनिश्चय गंझू की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद उन्हें सशर्त जमानत देने का आदेश दिया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई।
इस फैसले से जेल में बंद इन सात आरोपियों को राहत मिली है। अब उन्हें अदालत की ओर से तय शर्तों का पालन करना होगा। जमानत का आदेश मामले में आरोपों से बरी होने के समान नहीं है।
लेवी वसूली और टेरर फंडिंग से जुड़ा है मामला
मगध-आम्रपाली कोयला परियोजना से जुड़ा यह मामला कथित लेवी वसूली, उग्रवादी संगठनों और अपराधियों की गतिविधियों तथा कोयला कारोबार के माध्यम से अवैध धन के लेन-देन के आरोपों से संबंधित है। इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया है और जांच एनआईए तथा स्थानीय पुलिस की ओर से की जा रही है।
जांच के दौरान सामने आए आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है। हाईकोर्ट से मिली जमानत इसी मामले में आरोपियों को दी गई राहत है।
अब कारोबार पर फैसले के असर का इंतजार
मगध-आम्रपाली क्षेत्र में भीखन गंझू और बिंदु गंझू समेत अन्य आरोपियों के प्रभाव को लेकर चर्चा होती रही है। ऐसे में उनकी जमानत के बाद कोयला कारोबारियों के बीच कामकाज को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को आशा है कि क्षेत्र में बनी अनिश्चितता कम होगी और गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकेंगी।
फिलहाल, सात आरोपियों को जमानत मिलने के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि आगे क्षेत्र में कोयला कारोबार किस तरह आगे बढ़ता है। अदालत की शर्तों के साथ-साथ मामले की जारी जांच भी आगे की स्थिति तय करने में अहम होगी।


