आइसा के मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास रोका, धक्का-मुक्की में विधायक संदीप सौरव को लगी चोट; एसआईआर रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
बिहार की राजधानी पटना में छात्र संगठन आइसा के प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को एक ऐसी घटना हुई, जिसने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी असहज स्थिति में डाल दिया। प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों को जिस पुलिस वाहन में बैठाया गया था, उसी वाहन की चाबी एक प्रदर्शनकारी निकालकर भाग गया। घटना जेपी गोलंबर के पास हुई, जहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। चाबी निकल जाने के बाद पुलिस वाहन वहीं खड़ा रह गया। इस घटना के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की ने प्रदर्शन को और तनावपूर्ण बना दिया।
हिरासत में बैठे छात्रों के बीच से निकाली गाड़ी की चाबी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लेकर दो वाहनों में बैठाया था। इनमें से एक वाहन में करीब 10 छात्र मौजूद थे। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी ने वाहन का गेट खोला और उसकी चाबी लेकर मौके से फरार हो गया।
बताया जा रहा है कि यह घटना जेपी गोलंबर के पास हुई। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारी चाबी लेकर निकल गया। इसके बाद वाहन वहीं खड़ा रहा। घटना के समय वहां प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों की भीड़ मौजूद थी।
हालांकि, चाबी लेकर भागने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके खिलाफ किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में पुलिस का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
गांधी मैदान से निकला था विरोध मार्च
दरअसल, आइसा बिहार की ओर से गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से विरोध मार्च निकाला गया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को रद्द करना और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल थी।
इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। भाकपा माले विधायक संदीप सौरव भी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ रहे थे, लेकिन जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।
इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर वाहनों में बैठा दिया।
विधायक संदीप सौरव को लगी चोट, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान विधायक संदीप सौरव को भी हल्की चोट लगने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया।
विधायक ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग की।
आइसा के समस्तीपुर जिलाध्यक्ष ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारियों को जबरन वाहनों में बैठाया गया और गर्मी के बीच गाड़ी में बंद रखा गया। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में वाहन की चाबी निकाले जाने की घटना के लिए पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हुई पूरी घटना और पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर क्या है विवाद?
आइसा के इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर था। संगठन का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी आधार पर संगठन ने प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई। वहीं, इन आरोपों की पुष्टि और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी भी विवाद का निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक तथ्यों तथा सक्षम संस्थाओं के रिकॉर्ड के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
प्रदर्शन के बाद पुलिस की भूमिका पर चर्चा
पटना में हुई इस घटना के बाद प्रदर्शन के दौरान पुलिस की व्यवस्था, हिरासत में लिए गए छात्रों के साथ व्यवहार और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठे हैं। एक ओर छात्र संगठन ने पुलिस पर कार्रवाई में ज्यादती का आरोप लगाया, वहीं दूसरी ओर पुलिस वाहन से चाबी लेकर भागने की घटना भी सामने आई।
फिलहाल चाबी लेकर भागने वाले प्रदर्शनकारी की पहचान, पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और हिरासत में लिए गए छात्रों की आगे की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।


