रांची: राजधानी रांची में कथित तौर पर जामताड़ा मॉडल पर चल रहे साइबर ठगी नेटवर्क के मामले में पुलिस ने बड़ा अपडेट दिया है। पुलिस की पुष्टि के अनुसार, इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान 8 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। इससे पहले पिस्का मोड़ स्थित मनेर गली के मालती अपार्टमेंट में छापेमारी के दौरान सत्यम कुमार वर्मा नाम के युवक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
मालती अपार्टमेंट में छापेमारी के बाद खुला मामला
मंगलवार को मालती अपार्टमेंट में हुई छापेमारी के बाद साइबर ठगी के इस कथित नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। शुरुआती जानकारी में सत्यम कुमार वर्मा पर साइबर ठगी में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। युवक मूल रूप से पलामू का रहने वाला बताया जा रहा है और रांची में रहकर लॉ की पढ़ाई करने की बात कही गई थी।
अब तक 11 गिरफ्तारियों और 8 लाख रुपये नकद बरामदगी की पुलिस की पुष्टि के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए सभी लोगों की पहचान और नेटवर्क में उनकी भूमिका से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से सामने आना बाकी है।
रजिस्टर में 80 करोड़ रुपये का हिसाब होने का दावा
इस मामले में पहले एक रजिस्टर मिलने की बात सामने आई थी, जिसमें कथित तौर पर करीब 80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का हिसाब दर्ज होने का दावा किया गया था। इसके अलावा, 13 अक्टूबर को ही 50 लाख रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
हालांकि, 80 करोड़ रुपये की कथित ठगी और उसी दिन 50 लाख रुपये की ठगी के दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रजिस्टर में दर्ज रकम का संबंध किन लेन-देन से है और वास्तविक ठगी कितने रुपये की हुई है।
नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की जांच
छापेमारी के दौरान फ्लैट में सत्यम की गर्लफ्रेंड भी मौजूद होने की जानकारी सामने आई थी। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिए जाने की बात कही गई थी। फिलहाल, इस मामले में गिरफ्तार 11 लोगों के बीच आपसी संपर्क, कथित ठगी के तरीकों और नेटवर्क के संभावित विस्तार को लेकर जांच से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें कितने अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। जांच पूरी होने और पुलिस के विस्तृत बयान के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।


