45 मिनट तक काम करना बंद कर गया मोबाइल, डाउनलोड पूरा होते ही खाते से पैसे कटने का आया मैसेज
रांची/डेस्क: साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए अब मोबाइल फोन को निशाना बना रहे हैं। साइबर ठगी का एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें एक ट्यूशन शिक्षक के बैंक खाते से 57 हजार रुपये की निकासी या खर्च होने का मैसेज मिला। शिक्षक के अनुसार, उनके मोबाइल में अचानक अपने आप कुछ डाउनलोड होने लगा। करीब 45 मिनट तक डाउनलोड की प्रक्रिया चलती रही। इस दौरान मोबाइल का कोई भी बटन काम नहीं कर रहा था। डाउनलोड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके मोबाइल पर बैंक खाते से 57 हजार रुपये खर्च होने का मैसेज आया। इस घटना ने मोबाइल की सुरक्षा और साइबर अपराधियों के नए तरीकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अचानक शुरू हुआ डाउनलोड, मोबाइल पर नहीं रहा नियंत्रण
पीड़ित शिक्षक के मुताबिक, मोबाइल फोन सामान्य रूप से इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक फोन में अपने आप डाउनलोड की प्रक्रिया शुरू हो गई। शुरुआत में उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि मोबाइल में चल रही गतिविधि किसी साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी हो सकती है। देखते ही देखते डाउनलोड की प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही।
शिक्षक का कहना है कि करीब 45 मिनट तक उनका मोबाइल इसी स्थिति में रहा। इस दौरान फोन के बटन काम नहीं कर रहे थे, जिससे वह मोबाइल को सामान्य तरीके से संचालित नहीं कर पा रहे थे। फोन पर नियंत्रण नहीं रहने के कारण वह यह भी नहीं समझ पा रहे थे कि आखिर मोबाइल में क्या हो रहा है।
डाउनलोड पूरा होते ही खाते से 57 हजार रुपये खर्च होने का मैसेज
मोबाइल में डाउनलोड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षक को बैंक खाते से 57 हजार रुपये खर्च होने का मैसेज मिला। अचानक इतनी बड़ी रकम के लेनदेन का संदेश आने से वह हैरान रह गए। मोबाइल में अपने आप डाउनलोड शुरू होने और उसके बाद खाते से पैसे कटने के बीच के घटनाक्रम ने साइबर ठगी की आशंका को गंभीर बना दिया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि रकम किस माध्यम से निकाली गई, मोबाइल में वास्तव में कौन-सा प्रोग्राम डाउनलोड हुआ था या लेनदेन किस प्रकार किया गया। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
मोबाइल में संदिग्ध डाउनलोड को न करें नजरअंदाज
साइबर सुरक्षा के जानकारों के अनुसार, अनजान लिंक पर क्लिक करना, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करना और अविश्वसनीय वेबसाइट से फाइल इंस्टॉल करना मोबाइल की सुरक्षा के लिए जोखिम भरा हो सकता है। कुछ दुर्भावनापूर्ण ऐप संवेदनशील जानकारियों तक पहुंचने या मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में किसी खास ऐप या तकनीकी तरीके की भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मोबाइल में अचानक अपने आप डाउनलोड शुरू होने लगे या फोन असामान्य तरीके से काम करने लगे, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे में किसी अनजान फाइल को इंस्टॉल करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। मोबाइल में मौजूद संदिग्ध ऐप और अनुमतियों की जांच करना भी जरूरी है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि बैंक खाते से बिना अनुमति के पैसे कटने का मैसेज आता है, तो सबसे पहले संबंधित बैंक से संपर्क कर खाते और डिजिटल भुगतान सेवाओं को सुरक्षित कराने का प्रयास करना चाहिए। लेनदेन का मैसेज, बैंक स्टेटमेंट, संदिग्ध लिंक और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर की जा सकती है। इसके अलावा, साइबर वित्तीय ठगी की सूचना हेल्पलाइन नंबर 1930 पर जल्द से जल्द देनी चाहिए, ताकि रकम को रोकने या वापस दिलाने की कार्रवाई की संभावना बढ़ सके।
यह घटना मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। अनजान लिंक, संदिग्ध डाउनलोड और अनधिकृत लेनदेन को हल्के में लेने के बजाय समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी है।


