रांची। विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती और दैनिक जीवन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आज मारवाड़ी कॉलेज में एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित प्राचार्य डॉ मनोज कुमार के निर्देशन किया गया। इस अवसर पर शिवानी परमार और विवाराज श्री वर्मा ने विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली समस्याओं का सकारात्मक तरीके से सामना करने तथा मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित किया।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को समझाया गया कि पढ़ाई का दबाव, माता-पिता की अपेक्षाएँ, रिश्तों में आने वाली परेशानियाँ, असफलता का डर और दूसरों से तुलना जैसी परिस्थितियाँ उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसी स्थितियों में अपनी भावनाओं को समझना, धैर्य बनाए रखना, समस्याओं को खुलकर साझा करना और सही समय पर मदद लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
शिवानी परमार और विवाराज श्री वर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि मानसिक रूप से मजबूत होने का अर्थ अपनी भावनाओं को दबाना नहीं, बल्कि उन्हें समझकर सही तरीके से संभालना है। उन्होंने आत्मविश्वास बढ़ाने, सकारात्मक सोच विकसित करने, स्वयं पर विश्वास रखने और कठिन परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने के महत्व पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को यह संदेश देना था कि जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है, लेकिन सही सोच, आत्मविश्वास और सहयोग के माध्यम से उनका सामना किया जा सकता है। विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे अपनी परेशानियों को अकेले सहने के बजाय विश्वसनीय लोगों से बात करें और अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
यह सत्र विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक, प्रेरणादायक और सीखने का एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा। कार्यक्रम ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और आत्मविश्वास भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।
संदेश: “मजबूत होना यह नहीं कि आपको कभी परेशानी न हो, बल्कि यह है कि आप हर परिस्थिति में खुद को समझें, संभालें और आगे बढ़ना सीखें।”


