जमशेदपुर: जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे पांच साल के मासूम सात्विक मांझी को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए जमशेदपुर पुलिस ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। बच्चे को कोलकाता ले जाने के दौरान रास्ते में कोई यातायात बाधा न आए, इसके लिए पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार कराया। पुलिस की इस पहल से एंबुलेंस को टीएमएच से एनएच-33 तक महज 15 मिनट में पहुंचाया गया।

दरअसल, 18 अक्टूबर को हुए सड़क हादसे में सात्विक गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के बाद से वह कोमा की स्थिति में था और टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच), जमशेदपुर में उसका इलाज चल रहा था। बेहतर उपचार की उम्मीद में परिजनों ने उसे कोलकाता ले जाने का फैसला किया। ऐसे नाजुक वक्त में हर मिनट कीमती था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में बिष्टुपुर, साकची और मानगो यातायात थाना की पुलिस ने संयुक्त रूप से ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इसके तहत टीएमएच से निकलने वाली एंबुलेंस के रास्ते को यातायात बाधाओं से मुक्त रखा गया, ताकि मासूम को जल्द से जल्द आगे ले जाया जा सके।
एंबुलेंस सुबह 11:50 बजे टीएमएच से रवाना हुई। बालिगुमा होते हुए यह डिमना चौक पहुंची और दोपहर 12:05 बजे एनएच-33 की ओर रवाना कर दी गई।
एक मासूम की जिंदगी बचाने की उम्मीद में उठाया गया यह कदम बताता है कि संकट की घड़ी में पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता कितनी अहम हो सकती है। सात्विक के बेहतर इलाज की उम्मीद के साथ पुलिस ने उसे आगे के सफर के लिए रास्ता दिया।


