न्यू जर्सी (अमेरिका), 19 जुलाई. स्पेन ने रविवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में लियोनेल मेस्सी की अगुवाई वाली अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय में 1-0 से हराकर दूसरी बार फीफा विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ ही अर्जेंटीना की लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने की उम्मीदों पर पानी फिर गया और मेस्सी का खिताब बचाने का सपना भी अधूरा रह गया.
फेरान टोरेस का निर्णायक गोल
मुकाबले का एकमात्र और निर्णायक गोल स्पेन के फेरान टोरेस ने अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में दागा, जिसने न्यू यॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में मौजूद स्पेनिश समर्थकों को जश्न मनाने का मौका दे दिया. इस जीत के साथ लुइस दे ला फुएंते के मार्गदर्शन में स्पेन ने अपना दूसरा विश्व कप खिताब जीता.
नियमित समय तक बराबरी पर टिका रहा मुकाबला
पूरे मैच के दौरान स्पेन का दबदबा साफ नजर आया और टीम ने लंबे समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा, लेकिन अर्जेंटीना के मजबूत रक्षापंक्ति ने 90 मिनट के नियमित खेल के दौरान स्पेन को गोल करने से रोके रखा. दोनों टीमें बिना गोल के बराबरी पर रहते हुए अतिरिक्त समय में पहुंचीं.
एंजो फर्नांडीज की लाल कार्ड ने बदला मैच का रुख
अर्जेंटीना के लिए मुश्किलें उस वक्त और बढ़ गईं जब मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान से बाहर जाना पड़ा. इसके बाद लियोनेल स्कालोनी की टीम को शेष मुकाबला दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, जिसका सीधा फायदा स्पेन को मिला और टीम ने संख्यात्मक बढ़त का पूरा लाभ उठाते हुए अतिरिक्त समय में बढ़त हासिल कर ली.
जश्न में डूबा स्पेनिश खेमा
मैच खत्म होते ही स्पेनिश खिलाड़ियों और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. टोरेस के गोल ने न सिर्फ एक कड़े मुकाबले को सुलझाया, बल्कि स्पेन के लिए फुटबॉल इतिहास के एक और स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत भी कर दी.


