रांची: मोरहाबादी मैदान में रविवार को आदिवासी महोत्सव-2026 का भव्य आगाज हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव में झारखंड के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे आदिवासी समुदायों ने अपनी कला, संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की झलक पेश की।
आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगे इस आयोजन के मंच से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों को भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की चिंता समझ रही है और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जा रहा है।
‘आपका अधिकार आपको मिलेगा, न्याय की जिम्मेदारी हमारी’
मुख्यमंत्री ने आंदोलनरत छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “आपका अधिकार आपको मिलेगा, आपको न्याय मिलेगा और इसकी जिम्मेदारी हमारी है।”
उन्होंने कहा कि छात्रों की जिन मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है, उनके समाधान के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी परीक्षा में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है और जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
हेमंत सोरेन ने कहा कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
‘छात्रों को कोई भटकाए, मैं ऐसा नहीं होने दूंगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन कर रहे युवा झारखंड का भविष्य हैं। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग राजनीतिक दल और कुछ लोग छात्रों को अपने तरीके से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और उनके हित में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आंदोलनरत युवाओं से भी कहा कि वे किसी के बहकावे में न आएं।
जंतर-मंतर की घटना का जिक्र, बोले- ‘यह झारखंड है’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “यह झारखंड है, यहां के छात्रों के साथ ऐसा कभी नहीं होगा।”
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को चुनौती देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन झारखंड वीरों की भूमि है। यहां संघर्ष और अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले युवा किसी के बहकावे में आकर अपना रास्ता नहीं छोड़ेंगे।
‘लाठी-डंडे से नहीं, संवाद से निकलेगा समाधान’
JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए लाठी-डंडे की जरूरत नहीं है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की बात सुनेगी और संवाद के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा, “आपकी परेशानी हमारी परेशानी है।”
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पारदर्शिता के साथ छात्रों को न्याय दिलाने की दिशा में सरकार काम करेगी।
आदिवासी महोत्सव में दिखा देशभर की संस्कृति का रंग
आदिवासी महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में झारखंड के अलग-अलग हिस्सों के साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी समुदायों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत पेश की। पारंपरिक कला, संगीत, नृत्य और जीवनशैली की प्रस्तुतियों ने पूरे मोरहाबादी मैदान को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आदिवासी दिवस और आदिवासी संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। झारखंड में भी यह महोत्सव विभिन्न आदिवासी समुदायों को अपनी संस्कृति और परंपराओं को साझा करने का मंच दे रहा है।
‘हमें गर्व है कि हम आदिवासी हैं’
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी संस्कृति, परंपरा और संघर्ष के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी वीरों के वंशज हैं और “हमें गर्व है कि हम आदिवासी हैं।”
उन्होंने आदिवासी संस्कृति और पहचान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया।
इस तरह आदिवासी महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री ने जहां झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी पहचान की बात की, वहीं JPSC-JSSC को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को संवाद और न्याय का भरोसा देकर सरकार का पक्ष भी सामने रखा।
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