रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को रांची में छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बैरिकेडिंग तोड़े जाने, पथराव और पुलिस की कार्रवाई के बीच रांची सिटी SP पारस राणा ने लाठीचार्ज की वजह को लेकर पुलिस का पक्ष सामने रखा।
SP के मुताबिक, प्रदर्शन की शुरुआत में पुलिस ने संयम बरता, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने और पुलिस बल पर पथराव किए जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन, आंसू गैस और हल्के लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
बैरिकेड टूटने के बाद भीड़ में फंस गए थे तीन जवान
लाठीचार्ज के सवाल पर सिटी SP पारस राणा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़े जाने के दौरान अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। सुरक्षा में तैनात तीन पुलिसकर्मी गिरकर भीड़ के बीच फंस गए थे।
SP के अनुसार, उस समय उन जवानों के भीड़ में दबकर घायल होने का खतरा था। ऐसे में पुलिस को अपने जवानों को सुरक्षित बाहर निकालने और भीड़ को पीछे करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
‘80-90 फीसदी उम्मीदवार शांतिपूर्ण थे’
पारस राणा ने कहा कि पुलिस पूरे छात्र समुदाय को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं मानती। उनके मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल लगभग 80 से 90 प्रतिशत उम्मीदवार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, जबकि करीब 15 से 20 प्रतिशत लोगों ने स्थिति को बिगाड़ने का प्रयास किया।
SP ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस टीम पर लगातार पत्थर फेंके गए। पथराव में तीन-चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी उन्होंने कही। इनमें दो जवानों के सिर पर चोट आई और उन्हें टांके लगाए गए।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर पुलिस के लिए सीधे पहुंचना मुश्किल था, वहां प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए डमी शेल और स्मोक ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा- ‘हम दंगाई नहीं, छात्र हैं’
दूसरी ओर, विधानसभा के बाहर घंटों से डटे प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। छात्रों का कहना था कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे पुलिस से लड़ने नहीं आए हैं। उनका कहना था कि अगर सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों पर भरोसा दिलाता, तो उन्हें बैरिकेडिंग तक आगे बढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती।
बारिश में भी जारी रहा प्रदर्शन
विधानसभा घेराव के दौरान मौसम ने भी प्रदर्शनकारियों का साथ नहीं दिया। तेज बारिश के बावजूद कई छात्र तिरंगा और मांगों से जुड़े बैनर लेकर प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे और नारेबाजी करते रहे।
वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रदर्शनकारियों से वापस लौटने और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त करने की अपील की जाती रही।
सोमवार को रांची में हुए घटनाक्रम ने एक तरफ छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और उनके आक्रोश को सामने रखा, तो दूसरी तरफ पुलिस के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती दिखाई दी। अब इस पूरे घटनाक्रम में किस स्तर पर स्थिति बिगड़ी और किसकी क्या भूमिका रही, यह आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से स्पष्ट होगा।


