बोकारो । चास प्रखंड के काला पत्थर क्षेत्र में गुरुवार को जिला विज्ञान केंद्र के निर्माण की औपचारिक शुरुआत हुई। वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन संपन्न कराया गया। केंद्र के निर्माण से क्षेत्र के विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रयोग और नवाचार से जोड़ने के साथ उनकी वैज्ञानिक सोच को विकसित करने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है।
भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. संघमिता सिंह, बोकारो जिला कांग्रेस सेक्टर प्रभारी सह जिला सचिव ने कहा कि जिला विज्ञान केंद्र केवल एक भवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह विद्यार्थियों की जिज्ञासा और प्रतिभा को आगे बढ़ाने का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की क्षमता विकसित करने के लिए विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय प्रयोग और अनुभव से जोड़ना जरूरी है।
विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर जोर
कार्यक्रम में आचार्यकुल झारखंड प्रदेश के उपाध्यक्ष डॉ. वासुदेव प्रसाद ने कहा कि विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच बेहतर समन्वय से नई पीढ़ी को अधिक व्यापक और सृजनात्मक दृष्टिकोण दिया जा सकता है। उन्होंने जिला विज्ञान केंद्र की स्थापना को बोकारो के शैक्षणिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।
वहीं अवधेश सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अवधेश सिंह ने कहा कि केंद्र का निर्माण निर्धारित गुणवत्तापूर्ण मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। कंपनी इस परियोजना को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी के अभियंता देवेंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र विद्यार्थियों को विज्ञान की व्यावहारिक समझ विकसित करने और प्रयोग के माध्यम से सीखने का अवसर देगा।
ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे नए अवसर
कार्यक्रम में मार्कण्डेय प्रसाद सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में विज्ञान केंद्र की स्थापना से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही विज्ञान और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों में नई चीजें सीखने और वैज्ञानिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कांके, रांची के सहायक प्राध्यापक डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि जिज्ञासा, तर्क और प्रयोग करने की संस्कृति है। बोकारो में जिला विज्ञान केंद्र की स्थापना आने वाली पीढ़ी में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
क्षेत्र के ग्रामीण विभूति शर्मा ने भी जिला विज्ञान केंद्र की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि केंद्र के माध्यम से आसपास के विद्यार्थियों को विज्ञान और नवाचार से जुड़ने का स्थानीय मंच मिलेगा।
वैदिक विधि से संपन्न हुआ भूमि पूजन
संपूर्ण भूमि पूजन कार्यक्रम पंडित दिनेश पांडेय ने वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। इस दौरान मौजूद लोगों ने जिला विज्ञान केंद्र का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा होने और बोकारो को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की कामना की।
जिला विज्ञान केंद्र की स्थापना से काला पत्थर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को करीब से समझने, प्रयोग करने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा को विकसित करने का नया अवसर मिलने की उम्मीद है।
इसे भी पढ़े – बासुकीनाथ से राजगीर जा रही श्रद्धालुओं की बस ट्रक से टकराई, 12 वर्षीय बच्चे की मौत


