नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया है। AIIMS की ओर से 14 अगस्त को जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, नड्डा को 13 अगस्त की शाम बेचैनी महसूस होने के बाद चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल लाया गया था।
डॉक्टरों ने उनकी कई जांच कीं, जिनमें कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल है। अस्पताल के मुताबिक, फिलहाल जेपी नड्डा की स्थिति स्थिर है और उन्हें AIIMS के कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी में रखा गया है।
AIIMS ने अपने आधिकारिक बयान में यह स्पष्ट किया है कि नड्डा को बेचैनी की शिकायत के बाद चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए लाया गया था। हालांकि, अस्पताल ने एंजियोग्राफी के नतीजे या किसी विशेष हृदय संबंधी बीमारी के बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
क्या है कोरोनरी एंजियोग्राफी?
कोरोनरी एंजियोग्राफी एक ऐसी चिकित्सकीय जांच है, जिसके जरिए हृदय की रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह और संभावित संकुचन या रुकावट की स्थिति का आकलन किया जाता है। हालांकि, सिर्फ एंजियोग्राफी किए जाने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मरीज को हार्ट अटैक हुआ है। नड्डा के मामले में AIIMS ने भी हार्ट अटैक या किसी आपातकालीन कार्डियक प्रक्रिया की पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। AIIMS की ओर से जारी जानकारी में उन्हें स्थिर बताया गया है और कार्डियोलॉजी विभाग में ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। नड्डा के स्वास्थ्य को लेकर आगे की जानकारी अस्पताल की ओर से जारी किए जाने की उम्मीद है।
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