रांची, 15 अगस्त 2026। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में 61 इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर मनोज कुमार झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं समारोह का हिस्सा बने।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर मनोज कुमार झा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। ध्वजारोहण के बाद परिसर में पौधरोपण किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि, कुलपति एवं अन्य गणमान्य अतिथि प्लेनरी हॉल पहुंचे, जहां दीप प्रज्वलित कर औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
समारोह में विश्वविद्यालय की ओर से मुख्य अतिथि का अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। इसके बाद कुलपति ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक उपलब्धि को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ और नागरिकों की जिम्मेदारियों पर विचार करने का दिन भी है।
उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के रूप में एनयूएसआरएल की जिम्मेदारी केवल कानून के पेशेवर तैयार करने तक सीमित नहीं है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है, जो न्याय, गरिमा, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हों।
कुलपति ने कानूनी शिक्षा को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कानूनी सहायता, जन-जागरूकता, नीति संवाद और सामुदायिक कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित गांवों को गोद लेने की पहल तथा सेंटर फॉर लेबर लॉज के कार्यों की जानकारी भी दी। इन पहलों के माध्यम से समाज के वंचित और कमजोर वर्गों तक अधिकार एवं न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वतंत्रता आंदोलन में वकीलों की भूमिका को किया याद
कुलपति ने स्वतंत्रता आंदोलन में कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी याद किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू और सी. राजगोपालाचारी जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने कानून को केवल पेशे के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे राष्ट्र और समाज के परिवर्तन के माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों को मजबूत करने, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय और जिम्मेदार भागीदारी निभाने तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों के हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कानून की वास्तविक शक्ति तभी सार्थक है, जब वह समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति के काम आए।
राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण : ब्रिगेडियर झा
मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर मनोज कुमार झा ने एनयूएसआरएल के विद्यार्थियों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाने को विशेष अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब उन्हें कानून के विद्यार्थियों के साथ इस तरह संवाद करने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन के महत्व के बारे में बताया और अपने अनुभवों एवं जीवन यात्रा से जुड़े प्रसंग भी साझा किए।
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए ब्रिगेडियर झा ने कहा कि बड़े सपने देखे बिना बड़ी सफलता हासिल नहीं की जा सकती। हालांकि केवल सपना देखना पर्याप्त नहीं है। उसे पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने छात्रों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी लगन के साथ प्रयास करने का आह्वान किया।
ब्रिगेडियर झा ने भारतीय सेना में कानून के छात्रों और विधि स्नातकों के लिए उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी भी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र सेवा के लिए सेना में उपलब्ध अवसरों पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह के दौरान एनयूएसआरएल के छात्र-छात्राओं ने समूह गीत, समूह नृत्य और देशभक्ति एवं सामाजिक संदेश पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने समारोह में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक कुलसचिव (प्रभारी) ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया और गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के साथ सामूहिक फोटो लिया गया।
एनयूएसआरएल का यह स्वतंत्रता दिवस समारोह संवैधानिक मूल्यों, जिम्मेदार नागरिकता, राष्ट्र सेवा और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता नजर आया।
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