रांची। इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन एजुकेशन (IASE), रांची के अंतर्गत गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, कांके में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। समारोह में राष्ट्रध्वज को सलामी देने के साथ स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान वंदेमातरम् के सामूहिक गायन और भारत माता के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
ध्वजारोहण के बाद गूंजा राष्ट्रगान
समारोह की शुरुआत प्रभारी प्राचार्य डॉ. रमण कुमार झा द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रध्वज को सलामी दी गई और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रगान के दौरान कॉलेज परिसर में मौजूद सभी लोगों ने एक साथ खड़े होकर राष्ट्रीय सम्मान प्रकट किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद के संस्थापक प्राचार्य सह उपाध्यक्ष, आचार्यकुल झारखंड प्रदेश, डॉ. वासुदेव प्रसाद उपस्थित रहे।
150 वर्ष पूरे होने पर संपूर्ण वंदेमातरम् का गायन
स्वतंत्रता दिवस समारोह का विशेष आकर्षण ‘वंदेमातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसका सामूहिक गायन रहा। कॉलेज के प्राध्यापकों, प्रशिक्षु शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने एक स्वर में वंदेमातरम् का गायन किया।
इसमें डॉ. जाकिर हुसैन, डॉ. चंद्रमाधव सिंह, डॉ. समीर कुमार, डॉ. ओम प्रकाश, दुलाल चंद्र महतो, भगीरथ आर्य, पंकज मेहता और राकेश कुमार यादव समेत सत्र 2024–26 और 2025–27 के प्रशिक्षु शिक्षक शामिल हुए।
प्रशिक्षु शिक्षकों ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश
समारोह में प्रशिक्षु शिक्षक बादल सिंह राजपूत ने अंग्रेजी में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ नागरिकों के कर्तव्य और जिम्मेदारियां भी जुड़ी हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, अनुशासन, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
वहीं प्रशिक्षु शिक्षक महेश कुमार गुप्ता ने हिंदी में संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के त्याग और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक बनने का उद्देश्य सिर्फ ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करना भी है।
देशभक्ति गीत ने बढ़ाया उत्साह
इसके बाद सुधांशु निरंजन और चंद्रशेखर कर ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। गीत की प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को और भावपूर्ण बना दिया। उपस्थित लोगों ने भी उत्साह के साथ कलाकारों का मनोबल बढ़ाया।
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों, क्रांतिकारियों और देशभक्तों को याद किया गया। उनके सम्मान में जयघोष किए गए और उनके त्याग, तपस्या एवं बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
प्रशिक्षु शिक्षक संसद की रही अहम भूमिका
समारोह को सफल बनाने में सत्र 2024–26 और 2025–27 के प्रशिक्षु शिक्षक संसद के मंत्रिमंडल एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सक्रिय भागीदारी, अनुशासन और समर्पित प्रयासों से कार्यक्रम व्यवस्थित और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
वंदेमातरम् के सामूहिक गायन, राष्ट्रगान और भारत माता के जयघोष के बीच गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, कांके में स्वतंत्रता दिवस समारोह का समापन हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
इसे भी पढ़े – डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल में देशभक्ति के रंग में रंगा स्वतंत्रता दिवस समारोह


