रांची। डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच चल रहे विवाद के बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी विधायक के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल किया कि क्या भाषा और मर्यादा का कानून केवल जनप्रतिनिधियों पर ही लागू होता है, पुलिस अधिकारियों पर नहीं।
पुलिस एसोसिएशन के रवैये पर उठाए सवाल
मरांडी ने कहा कि शिष्टाचार बनाए रखना अच्छी बात है, लेकिन पुलिस एसोसिएशन ने कभी उन दारोगाओं की निंदा नहीं की जो आम जनता से गाली-गलौज की भाषा में बात करते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या एसोसिएशन ने कभी अपने अधिकारियों को जनता के साथ मर्यादित व्यवहार की नसीहत दी है।
निजता हनन पर कड़ा ऐतराज
नेता प्रतिपक्ष ने बिना सहमति बातचीत रिकॉर्ड कर वायरल करने की घटना को निजता के अधिकार का सीधा उल्लंघन और आपराधिक कृत्य बताया। उन्होंने सवाल किया कि क्या निजता से जुड़े कानून सिर्फ आम नागरिकों के लिए हैं, पुलिस प्रशासन के लिए नहीं।
पुराने मामलों का हवाला, सरकार पर आरोप
मरांडी ने बोकारो के चास थाना प्रभारी के विवादित वायरल ऑडियो मामले का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी उन्होंने एफआईआर की मांग की थी, लेकिन सरकार ने कार्रवाई के बजाय ऐसे अधिकारियों को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि अगर आम जनता के लिए गाली देना अपराध है, तो पुलिस अधिकारियों को जनता से दुर्व्यवहार करने का विशेषाधिकार किसने दिया।


