रांची। डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) प्रमुख जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच विवाद पिछले कुछ दिनों में लगातार गहराता जा रहा है। मामला अब सिर्फ एक स्थानीय टकराव नहीं रह गया, बल्कि पूरे राज्य में राजनीतिक और पुलिस संगठनों के स्तर तक पहुंच चुका है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनके फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जाति, आवास और वंशावली प्रमाणपत्र तैयार किए गए। इस मामले में पुलिस ने जेएलकेएम नेता गणेश दास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंच गए।
थाने में हंगामा, दोनों तरफ से प्राथमिकी
थाने पहुंचने के बाद विधायक समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी और हाथापाई की स्थिति बन गई। पुलिस का आरोप है कि समर्थकों की भीड़ ने थाना परिसर में हंगामा कर सरकारी काम में बाधा डाली, जिसके बाद विधायक समेत 10 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं विधायक पक्ष ने भी थाने में मारपीट, गला दबाने की कोशिश और सोने की चेन व नकदी छीनने का आरोप लगाया।
वायरल ऑडियो ने बढ़ाई तल्खी
इसी बीच थाना प्रभारी रवि कुमार और जयराम महतो के बीच 22 अगस्त की कथित फोन बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। थाना प्रभारी की शिकायत के मुताबिक इस बातचीत में विधायक ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और वर्दी उतरवाने की धमकी दी। इस आधार पर थाना प्रभारी ने विधायक के खिलाफ अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई। हालांकि जयराम महतो ने सफाई देते हुए कहा कि पूरी बातचीत 11 मिनट की थी, जिसका चुनिंदा हिस्सा वायरल किया गया, और उसमें AI तकनीक से छेड़छाड़ की गई है। हालांकि इसका कोई तकनीकी प्रमाण उन्होंने सार्वजनिक नहीं किया।
पुलिस एसोसिएशन का सख्त रुख
वायरल ऑडियो के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया। एसोसिएशन के संयुक्त सचिव राकेश पांडेय ने कहा कि विधायक हताशा और फ्रस्ट्रेशन में आकर पुलिस महकमे पर अमर्यादित टिप्पणियां कर रहे हैं और निजी बातचीत को सिर्फ यूट्यूब व्यूज के लिए वायरल करते हैं। एसोसिएशन ने 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से संज्ञान लेने की अपील की।
विधायक का पलटवार
जयराम महतो ने माफी मांगने से साफ इनकार करते हुए कहा कि वे फांसी पर चढ़ जाएंगे लेकिन माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने पुलिस एसोसिएशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले वह अपने जिले के डीसी का इस्तीफा मांगे, क्योंकि हर 15-20 दिन में पुलिसकर्मी डीसी से अपमानजनक भाषा सुनते हैं। विधायक ने खुद को अलग विचारधारा और बिरादरी का इकलौता विधायक बताते हुए साजिश का आरोप भी लगाया।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और वायरल ऑडियो की सत्यता को लेकर सवाल बरकरार हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और विधायक की अगली प्रतिक्रिया पर सबकी नजर टिकी है।
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