रांची। झारखंड की राजनीति में जयराम महतो और देवेंद्र नाथ महतो को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो ने देवेंद्र नाथ महतो के अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के बजाय जनता के हित और मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
अलग पार्टी बनाकर आगे बढ़ने पर नहीं है आपत्ति
मीडिया से बातचीत में जयराम महतो ने कहा कि यदि देवेंद्र नाथ महतो अपनी अलग पार्टी बनाते हैं और भविष्य में उनसे भी बड़ा राजनीतिक मुकाम हासिल करते हैं, तो वह इसका स्वागत करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि अगर देवेंद्र जनता का विश्वास जीतकर उनसे आगे निकलते हैं, तो वह उन्हें शुभकामनाएं देंगे।
आंदोलन के दौर का किया जिक्र
जयराम महतो ने देवेंद्र नाथ महतो के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों ने छात्र और भाषा आंदोलन के दौरान साथ काम किया था। इसी दौर में देवेंद्र की राजनीतिक सक्रियता और पहचान भी बढ़ी। जयराम ने संकेत दिया कि आंदोलन के समय साथ रहे लोगों का राजनीतिक सफर बाद में अलग-अलग दिशा में जाना स्वाभाविक है।
व्यक्तिगत टकराव की राजनीति से दूरी
जयराम महतो के बयान से यह स्पष्ट करने की कोशिश दिखी कि वह देवेंद्र नाथ महतो को अपना राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानकर किसी तरह का टकराव नहीं चाहते। उनका कहना है कि किसी नेता का आगे बढ़ना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है और अंतिम फैसला जनता करती है।
युवा और झारखंड के मुद्दे केंद्र में
जयराम महतो ने अपनी राजनीति की प्राथमिकताओं में झारखंड के स्थानीय मुद्दों और युवाओं की भागीदारी को प्रमुख बताया। उनके बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब देवेंद्र नाथ महतो के संभावित राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।
जयराम का यह रुख झारखंड की क्षेत्रीय राजनीति में एक अलग संदेश देता है। अब नजर इस बात पर है कि देवेंद्र नाथ महतो अपनी राजनीतिक रणनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।


