नेपाल इन दिनों प्रकृति के सबसे भयानक कहर से जूझ रहा है। भारी बारिश और ग्लेशियर पिघलने से आई प्रलयकारी बाढ़ ने न सिर्फ सैकड़ों जिंदगियां लील लीं, बल्कि हजारों परिवारों को अपनों की खबर के इंतजार में बेचैन कर दिया है। पहाड़ों से पत्थर और कीचड़ किसी सुनामी की तरह गांवों-कस्बों में घुस आए, और देखते ही देखते तबाही का मंजर हर तरफ फैल गया। नेपाल पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह तक मृतकों की संख्या बढ़कर 626 हो गई, जबकि 2,426 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनकी सलामती के लिए पूरा देश दुआ कर रहा है। सीमा पार तिब्बत में भी हालात कम गंभीर नहीं हैं, जहां 7 लोगों की जान जा चुकी है और 554 अभी भी लापता हैं।
नेपाल पुलिस के मुताबिक
नेपाल पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह मृतकों की संख्या बढ़कर 626 हो गई, जबकि 2,426 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। द हिमालयन टाइम्स के अनुसार लापता लोगों में 644 विदेशी नागरिक हैं। वहीं तिब्बत इमरजेंसी मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने बताया कि वहां मरने वालों की संख्या 7 हो गई है और 554 लोग लापता हैं।
बड़े पैमाने पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
खोज और बचाव कार्य के लिए कुल 15,431 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें नेपाल आर्मी, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान शामिल हैं। लापता लोगों में नेपाली सेना के 45, नेपाल प्रहरी के 27 और सशस्त्र प्रहरी बल के 13 जवान भी हैं। सबसे ज्यादा 233 शव चितवन में मिले हैं, इसके बाद नवलपरासी ईस्ट (154), गोरखा (46) और धाडिंग (40) का नंबर आता है। अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें 129 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि त्रिशूली इलाके में भारी बारिश और खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
हाइड्रोपावर कर्मी और तीर्थयात्री भी लापता
लापता 1,924 लोगों में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के 933 कर्मी और 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन से जुड़े 77 तीर्थयात्रियों के एक ग्रुप का भी दो दिनों से कोई पता नहीं चल पाया है, जिसमें 19 देशों के लोग शामिल थे।
भारतीय राज्यों के भी कई नागरिक फंसे
महाराष्ट्र के करीब 290 पर्यटक फंसे थे, जिनमें से 60 अभी लापता हैं। पश्चिम बंगाल के 37 लोग भी लापता बताए जा रहे हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान कोसी नदी के पास फंस गए थे। असम के भी 12 लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है।
भारत लगातार भेज रहा मदद
भारत ने नेपाल को राहत सामग्री की कई खेप भेजी हैं। शनिवार को 10 टन राहत सामग्री की एक और खेप भेजी गई, जबकि इससे पहले शुक्रवार को डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की टीम के साथ तीसरी खेप रवाना हुई थी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक चीन में करीब 400 भारतीय सुरक्षित हैं और उन्हें निकालने की प्रक्रिया जारी है।
इसे भी पढ़े – स्लो लैपटॉप से हैं परेशान? अपनाएं ये टिप्स, मिलेगी नए डिवाइस जैसी स्पीड


