राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र में नशा कारोबारियों के खिलाफ गश्ती कर रही पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और पिस्तौल छीनने के गंभीर मामले में ब्राउन सुगर तस्कर मो० इमरान, मो० तबरेज, मेराज और मो० नईम समेत अज्ञात अपराधियों पर केस दर्ज किया गया है । घटना मोती मस्जिद के पास की है, जहां बुधवार की देर शाम ब्राउन सुगर तस्करों को पकड़ने पहुंची पुलिस को घेरकर मारपीट की गई।
नशा कारोबारी को पकड़ते ही जुटी भीड़
जानकारी के अनुसार, रांची जिला बल (टाइगर-24) के जवान आरिफ आलम और IRB-4 लातेहार के जवान स्वामीनाथ यादव हिंदपीढ़ी क्षेत्र में शाम के समय गश्ती और निगरानी ड्यूटी पर थे। शाम करीब 7 बजे मोती मस्जिद के सामने उन्होंने ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करते दो लोगों को देखा। उन्होंने आनन फानन अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन पुलिस को देखते ही स्मैक/ब्राउन शुगर बेचने वाला व्यक्ति मौके से भाग निकला, जबकि खरीद रहे युवक को पुलिस ने दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम मेराज बताया।
पिस्तौल छीनने की कोशिश और धक्का-मुक्की
जैसे ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर उसके माता-पिता घर से बाहर आ गए और आसपास के लोगों को इकट्ठा कर लिया। देखते ही देखते 3-4 अन्य लोग भी वहां जुट गए और ड्यूटी पर तैनात जवानों पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट (घूंसे-लात) की और आरोपी मेराज ने जवान आरिफ आलम का सर्विस पिस्तौल छीनने का प्रयास किया। जवानों ने किसी तरह अपनी जान और हथियार की रक्षा करते हुए घटना की सूचना हिंदपीढ़ी थाना पुलिस को दी।
गश्ती दल को आते देख भागे आरोपी
थाना से अतिरिक्त गश्ती दल और पुलिस बल के पहुँचते ही हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इस हमले में पुलिस जवान जख्मी हुए हैं। पीड़ित जवान का आरोप है कि नशा कारोबारियों के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई से बौखलाकर यह हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया है।
इन पर नामजद प्राथमिकी दर्ज
मामले में वीडियो और फोटो साक्ष्यों के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
नामित आरोपी: मो० इमरान (पिता: मो० कलाम), मो० तबरेज, मेराज (पिता: मो० नईम), मो० नईम तथा 3-4 अन्य अज्ञात।
कानूनी कार्रवाई:
हिंदपीढ़ी थाना कांड संख्या 55/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (B.N.S.) की धारा 126(2), 127(2), 115(2), 121(1), 132, 109 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर आनंद मोहन कुमार (S.I. Anand Mohan Kumar) को सौंपी गई है और पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।


