रांची। आर्य ज्ञान प्रचार समिति रांची द्वारा संचालित सीनियर सिटीजन होम के तत्वावधान में डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल, बरियातू रोड में चल रही संगीतमय श्रीकृष्ण कथा के छठे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की मौजूदगी में कथा का आयोजन हुआ। कथावाचक आचार्य कुलदीप जी ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उनके शरणागत होने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

यज्ञ के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की यज्ञशाला में यज्ञ के साथ हुई। प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य कुलदीप जी ने यज्ञ संपन्न कराया और यजमानों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद आर्यसमाज रांची के कोषाध्यक्ष श्री संजय पोद्दार और विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने आचार्य कुलदीप जी सहित संगीतकारों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया।
इसके बाद अतिथियों और स्वागताध्यक्षों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।
‘जो कृष्ण के साथ है, उसकी जीत पक्की’
कथा के दौरान आचार्य कुलदीप जी ने महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की महत्ता को समझाया। उन्होंने कहा कि जो कृष्ण के साथ है, उसकी जीत निश्चित है, जबकि केवल कृष्ण की सेना का साथ चुनने वाला पराजित होता है।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के प्रसंग का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दुर्योधन ने कृष्ण की सेना को चुना, वहीं अर्जुन ने स्वयं भगवान श्रीकृष्ण को अपने साथ चुना। युद्ध का परिणाम इसी निर्णय से स्पष्ट हो गया था।
आचार्य जी ने कहा कि भगवत् भक्ति में अलौकिक शक्ति होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस तरह गाड़ी में चालक के पास बैठने वाले व्यक्ति को रास्ते के झटके अपेक्षाकृत कम महसूस होते हैं, उसी प्रकार जीवन में भगवान की शरण लेने वाला व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना अधिक सहजता से कर सकता है।
‘सब तर्क छोड़ मेरी शरण में आओ’
कथा के दौरान अर्जुन के मोह और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए उपदेश का भी उल्लेख किया गया। आचार्य कुलदीप जी ने कहा कि जीवन में कई बार मनुष्य अपने तर्क और चिंताओं में उलझ जाता है। ऐसे समय में भगवान की शरण और भक्ति उसे सही मार्ग दिखाती है।
उन्होंने भगवद्गीता के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने अहंकार और अत्यधिक तर्क को छोड़कर भगवान की शरण में जाना चाहिए। यही जीवन का सार है।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कथा के छठे दिन आर्य ज्ञान प्रचार समिति के अध्यक्ष श्री शत्रुघ्न गुप्ता, आर्यसमाज रांची की संरक्षिका श्रीमती सुशीला गुप्ता, श्री सुनील गुप्ता, श्रीमती निशा, श्री राजेंद्र आर्य, श्री अजय आर्य, श्रीमती एवं श्री अशोक भाटिया, श्रीमती नीलकमल वर्मा, श्री दीपक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर डीएवी पब्लिक स्कूल, बुंडू के प्राचार्य श्री ए.डी. ग्रोवर और श्री एम.के. सिन्हा समेत अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
13 सितंबर को होगा कथा का समापन
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ शाम करीब सात बजे हुआ। आयोजकों के अनुसार संगीतमय श्रीकृष्ण कथा का अगला और अंतिम दिन 13 सितंबर को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगा। इसके बाद ऋषि लंगर का आयोजन किया जाएगा।


