बोकारो: सुंदरम स्टील प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित विस्तार को लेकर बोकारो स्थित जियाडा भवन में जनसुनवाई आयोजित की गई। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारी, कंपनी प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने प्रस्तावित विस्तार को लेकर अपनी राय और सुझाव रखे।
कई ग्रामीणों ने कंपनी के विस्तार का समर्थन करते हुए कहा कि परियोजना के विस्तार से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने के साथ ट्रांसपोर्ट, सप्लाई, निर्माण और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई।
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता की मांग
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र के कई युवा रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन करते हैं। ऐसे में कंपनी के विस्तार के बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
गोड़ा बाली दक्षिणी के पूर्व मुखिया गणेश ठाकुर ने कहा कि उद्योग के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने कंपनी से स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने और युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाने की मांग की।
गांवों में सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं की मांग
गोड़ा बाली उत्तरी के मुखिया बालेश्वर सिंह राठौर ने कहा कि उद्योग के विकास के साथ आसपास के गांवों का विकास भी जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
वहीं, बस्ती बलिडीह के वार्ड सदस्य रामजीत मांझी ने कंपनी की स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कम खर्च में इलाज की सुविधा से आसपास के जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कंपनी के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की उम्मीद जताई।
कृषि और ग्रामीण सुविधाओं पर भी जोर
गोड़ा बाली उत्तरी के वार्ड सदस्य बद्रीनाथ सिंह ने कृषि क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने की मांग की। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर जैसी सुविधाओं से किसानों को कृषि कार्य में मदद मिल रही है। उन्होंने भविष्य में किसानों के लिए संसाधन, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े प्रयास बढ़ाने की बात कही।
पर्यावरण संरक्षण पर भी उठी आवाज
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने औद्योगिक विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी जरूरी बताया। वार्ड सदस्य जानबाबू अंसारी समेत अन्य लोगों ने प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना था कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
स्थानीय बाजार और कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद
ग्रामीण सुरेश नायक ने कहा कि बड़े उद्योग के विस्तार का असर केवल कंपनी में काम करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहता। इससे परिवहन, होटल, दुकान, निर्माण, स्थानीय सप्लाई और अन्य छोटे व्यवसायों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, कौशल विकास और प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, किसानों के लिए अतिरिक्त संसाधन, सड़क-पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास और पर्यावरणीय मानकों के पालन की मांग रखी।
जनसुनवाई में एडिशनल कलेक्टर सुनील कुमार, झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कुंदन कुमार, जेपीसीबी धनबाद के विवेक कुजूर और वरदान टीम के प्रदीप कुमार समेत अन्य अधिकारी और संबंधित लोग मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की ओर से रखे गए सुझावों और मुद्दों को दर्ज किया।


