नौकरी बदलने की तैयारी हो, घर खरीदना हो या अचानक मेडिकल इमरजेंसी आ जाए, ऐसे मौकों पर सबसे पहले याद आता है कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का PF अकाउंट। लेकिन खाते की जानकारी में जरा सी गड़बड़ी भी क्लेम रिजेक्ट होने की वजह बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि UAN पोर्टल पर सभी जानकारी समय रहते अपडेट रखी जाए।
UAN और पासबुक पर रखें नजर
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका UAN एक्टिव है और मोबाइल नंबर उससे लिंक है। EPF पासबुक में हर महीने कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों का योगदान जमा हो रहा है या नहीं, इसकी जांच करते रहें। पासबुक और ब्याज की नियमित समीक्षा करने से किसी भी गलती का समय रहते पता चल सकता है।
व्यक्तिगत और बैंक डिटेल्स रहें सही
PF खाते में दर्ज नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि आपके दस्तावेजों से मेल खानी चाहिए। इसी तरह बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड भी अपडेट और वेरिफाइड होना चाहिए, क्योंकि इनमें अंतर होने पर निकासी या ट्रांसफर अटक सकता है।
ई-नॉमिनेशन है जरूरी
ई-नॉमिनेशन जरूर पूरा करें। इससे किसी अनहोनी की स्थिति में PF और इंश्योरेंस का पैसा परिवार या कानूनी उत्तराधिकारी तक आसानी से पहुंच सकेगा।
नौकरी बदलने पर क्या करें
नई नौकरी में जाने पर पुरानी कंपनी की एग्जिट डेट और सर्विस हिस्ट्री की जांच जरूर करें। साथ ही यह भी देखें कि पुराने PF खाते का बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर हुआ है या नहीं। इन बातों की अनदेखी बाद में परेशानी का कारण बन सकती है।
आसान होगी प्रक्रिया
पूरी तरह अपडेट और KYC वेरिफाइड अकाउंट होने पर PF निकासी और ट्रांसफर की प्रक्रिया आसान हो सकती है। इससे अंतिम समय में कागजी कार्रवाई या HR के चक्कर लगाने की परेशानी भी कम हो सकती है।
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