रांची। बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार की सुनवाई के बाद अब अगली तारीख 24 सितंबर तय की गई है। मामले में कुल 17 आरोपितों में से 16 के खिलाफ विशेष PMLA अदालत में आरोप तय किए जा चुके हैं। अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एकमात्र ऐसे आरोपित हैं, जिनके खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया बाकी है।
आज की सुनवाई में अदालत ने मामले को आगे बढ़ाने के लिए अगली तारीख तय की। इससे पहले 19 सितंबर को हुई सुनवाई में हेमंत सोरेन अदालत में पेश नहीं हुए थे। उनके अधिवक्ता ने पूर्व निर्धारित व्यस्त कार्यक्रम का हवाला दिया था। इसके बाद विशेष अदालत ने उन्हें 21 सितंबर को शाम 4 बजे तक व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया था।
16 आरोपितों पर हो चुका है आरोप गठन
बड़गाईं जमीन मामले में विशेष PMLA अदालत अब तक 16 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर चुकी है। इनमें पूर्व रांची उपायुक्त एवं आईएएस अधिकारी छवि रंजन, पूर्व राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, राज कुमार पाहन, बिनोद कुमार सिंह, अंतु तिर्की, सद्दाम हुसैन, अफसर अली, इरशाद अख्तर, तापस घोष, शेखर कुशवाहा, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रिया रंजन सहाय, बिपिन सिंह, बिजेंद्र सिंह और संजीत कुमार शामिल हैं।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी कार्यवाही पर रोक
हेमंत सोरेन ने विशेष PMLA अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें 8 जून 2026 को उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके साथ ही उन्होंने निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग भी की थी।
18 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत की उनकी मांग खारिज कर दी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विशेष PMLA अदालत में मामले की आगे की प्रक्रिया जारी रहने का रास्ता साफ हुआ।
विशेष PMLA अदालत ने 8 जून को डिस्चार्ज याचिका खारिज करते हुए मामले को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। उस स्तर पर अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला आगे बढ़ने योग्य माना था।
क्या है 8.86 एकड़ जमीन का मामला?
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल में स्थित 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान जमीन के दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर तथा जमीन के अवैध अधिग्रहण से जुड़े आरोपों की जांच की है।
हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में ED की ओर से जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी तथा हेमंत सोरेन से संबंधित दावे दर्ज हैं। दूसरी ओर, हेमंत सोरेन की ओर से इन आरोपों का विरोध किया गया है।
24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी। इस सुनवाई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
मामले में 16 आरोपितों के खिलाफ आरोप पहले ही तय हो चुके हैं, जबकि हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया लंबित है। ऐसे में 24 सितंबर की सुनवाई इस मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
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