जामताड़ा: जामताड़ा में मंगलवार को आयोजित उपायुक्त के जनता दरबार में फतेहपुर प्रखंड की एक महिला ने जब यह बात कही, तो मामला सुनने वाले अधिकारी भी हैरान रह गए। शिमला डंगाल पंचायत के महेशपुर गांव की विमला देवी ने उपायुक्त आलोक कुमार के सामने पहुंचकर शिकायत की कि वह जीवित हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।

महिला की शिकायत पर उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही के कारण विमला देवी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज किया गया है, तो जांच के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने से पेंशन का भी अटका मामला
विमला देवी की शिकायत के बाद उपायुक्त ने उनका नाम पेंशन सूची में जोड़ने और पेंशन शुरू कराने का निर्देश दिया। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि महिला का नाम सरकारी रिकॉर्ड में मृत कैसे दर्ज हुआ और इसमें किस स्तर पर गलती हुई।
आधार और वोटर कार्ड नहीं बनने से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं
जनता दरबार में जामताड़ा प्रखंड के बेवा गांव की करीब 45 वर्षीय गोदनी हांसदा भी अपनी समस्या लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि अब तक उनका आधार कार्ड और वोटर कार्ड नहीं बन पाया है। दस्तावेज नहीं होने के कारण वह कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।
मामले पर उपायुक्त ने संबंधित डीपीओ को निर्देश दिया कि वंशावली और उपलब्ध वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर जरूरी प्रक्रिया पूरी कर गोदनी हांसदा का आधार कार्ड बनवाने में सहयोग किया जाए।
हर मंगलवार लोगों की समस्याएं सुनता है प्रशासन
जामताड़ा में हर मंगलवार उपायुक्त का जनता दरबार आयोजित किया जाता है। इसमें जिले के अलग-अलग प्रखंडों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। मंगलवार को भी उपायुक्त आलोक कुमार ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
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