बोकारो में बीएसएल के जर्जर आवासों को खाली कराने का मुद्दा बुधवार को उस समय गरमा गया, जब आवास बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने बीएसएल की ईडी (पीएंडए) राजश्री बनर्जी के आवास का घेराव कर दिया। समिति के बैनर तले सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष प्रदर्शन में शामिल हुए।

बैरिकेड तोड़कर अंदर घुसे
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का बैरिकेड तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आवास के मुख्य गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई।
वैकल्पिक क्वार्टरों पर सवाल
समिति का आरोप है कि जर्जर घोषित आवासों को खाली कराकर जिन वैकल्पिक क्वार्टरों में लोगों को भेजा जा रहा है, उनकी स्थिति भी रहने लायक नहीं है। समिति की मांग है कि पहले वैकल्पिक आवासों की मरम्मत कराई जाए और उसके बाद ही उन्हें आवंटित किया जाए।
आवास खाली न कराने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आवास खाली नहीं कराने और प्रभावित लोगों के जर्जर आवासों की मरम्मत कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि आवास से जुड़े मामलों में प्रभावित लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। समिति के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए अधिकारियों के सामने आवासों से जुड़ी समस्याएं रखीं और कहा कि जर्जर आवासों में रहने वाले लोगों की स्थिति को देखते हुए मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
हाल में गिरे ब्लॉक से बढ़ी चिंता
बीएसएल के आवासीय क्षेत्रों में जर्जर भवनों को लेकर हाल के दिनों में भी सवाल उठे हैं। 28 सितंबर की एक रिपोर्ट में सेक्टर-12ई में छह आवासों वाले एक तीन मंजिला ब्लॉक के गिरने का उल्लेख किया गया था। उस रिपोर्ट में स्थानीय लोगों ने जर्जर भवनों की मरम्मत और सुरक्षित आवास की मांग भी उठाई थी।
आंदोलन की चेतावनी
समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से सकारात्मक पहल करते हुए प्रभावित आवासों की मरम्मत कराने और अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। अब देखना होगा कि बीएसएल प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाता है।


