मतदाता सूची में नाम, पता और परिवार के विवरण की जांच करने की अपील; 2003 के पुराने रिकॉर्ड और Form-6 को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच तथ्य जांचने पर जोर
रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर जारी चर्चाओं के बीच रांची नगर निगम के महापौर कार्यालय ने आम लोगों से किसी भी दावे पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक जानकारी की जांच करने की अपील की है। महापौर कार्यालय की ओर से जारी प्रेस-विज्ञप्ति में कहा गया है कि मतदाता सूची किसी एक राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह देश के प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार से संबंधित है।

प्रेस-विज्ञप्ति में कहा गया है कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम सुरक्षित रहें और सूची में किसी तरह की त्रुटि होने पर उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधारा जाए, यह सभी की जिम्मेदारी है। SIR को लेकर पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग तरह के दावे और चर्चाएं सामने आने का उल्लेख करते हुए लोगों से सोशल मीडिया या अनधिकृत दावों के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।
आधिकारिक स्पष्टीकरण देखने की अपील
महापौर कार्यालय के अनुसार, SIR से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया है। प्रेस-विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस विषय पर चर्चा करते समय अनुमान और आरोपों के बजाय निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर SIR-2026 से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं। पोर्टल पर मतदाता अपना नाम पुराने SIR रिकॉर्ड में खोजने, नोटिस के जवाब में दस्तावेज जमा करने और नए मतदाता के रूप में Form-6 के माध्यम से आवेदन करने जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।
2003 की मतदाता सूची के रिकॉर्ड की जांच पर जोर
प्रेस-विज्ञप्ति में वर्ष 2003 की मतदाता सूची को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। इसमें कहा गया है कि जिन नागरिकों के पुराने मतदाता रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, उन्हें अपने विवरण की जांच करनी चाहिए। यदि किसी जानकारी में सुधार की आवश्यकता है तो निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उसे दुरुस्त कराया जा सकता है।
निर्वाचन आयोग के SIR पोर्टल पर पुराने SIR इलेक्ट्रोल रोल में नाम खोजने की सुविधा भी उपलब्ध है। आयोग के अनुसार, 2002/2003 के पुराने अंतिम मतदाता रिकॉर्ड संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त डेटा के आधार पर पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं।
Form-6 और घोषणा-पत्र को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की अपील
महापौर कार्यालय ने Form-6 और उससे जुड़े घोषणा-पत्र को लेकर सामने आ रही चर्चाओं के बीच लोगों से नियमों और आधिकारिक प्रक्रिया को समझने की अपील की है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, Form-6 नए मतदाताओं के रूप में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन पत्र है।
प्रेस-विज्ञप्ति में कहा गया है कि आम नागरिकों को भ्रमित करने के बजाय उन्हें यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, विवरण में सुधार कराने या किसी अन्य समस्या के समाधान के लिए उन्हें कौन-सी प्रक्रिया अपनानी है।
सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा, लेकिन तथ्य भी जरूरी
महापौर कार्यालय की ओर से कहा गया है कि लोकतंत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष सहित हर पक्ष को सवाल पूछने और अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर राजनीतिक आरोपों के साथ तथ्य सामने रखना भी जरूरी है।
प्रेस-विज्ञप्ति में कहा गया कि अपील किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि रांची की जनता के हित में है। लोगों से कहा गया है कि यदि उनके नाम, पते, परिवार के विवरण या मतदाता रिकॉर्ड में कोई गलती है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे ठीक कराएं।
महापौर कार्यालय ने रांची के मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को केवल सोशल मीडिया पर देखकर या किसी के कहने पर सही न मानें। इसके बजाय तथ्य जांचें, आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और अपने मतदाता विवरण की जांच करें।
अंत में प्रेस-विज्ञप्ति में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता का अधिकार सभी की साझा जिम्मेदारी है और पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रखने तथा उन्हें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने में सक्षम बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।


