BCCL कोयला नगर यूनिट में तैनाती के दौरान वित्तीय अनियमितता और अनुचित लाभ लेने के आरोप; पेन ड्राइव में मिले तीन ऑडियो क्लिप की जांच के बाद कार्रवाई
धनबाद। झारखंड के धनबाद में बीसीसीएल कोयला नगर यूनिट से जुड़े एक मामले में सीबीआई ने सीआईएसएफ के दो पूर्व अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता और सरकारी पद का इस्तेमाल करते हुए अनुचित लाभ लेने के प्रयास से जुड़ा है। सीबीआई की प्राथमिकी में तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट ओम कुमार तंवर और तत्कालीन लेडी इंस्पेक्टर राज लक्ष्मी वर्मा को नामजद किया गया है।

मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई, जिसके बाद सीआईएसएफ स्तर पर विभागीय जांच कराई गई। जांच में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की पुष्टि होने और शिकायत के साथ उपलब्ध कराई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग में दोनों अधिकारियों की आवाज होने की बात सामने आने के बाद मामला सीबीआई तक पहुंचा। अब सीबीआई की एसीबी शाखा धनबाद इस पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी।
शिकायत के साथ दी गई थी पेन ड्राइव
जानकारी के मुताबिक, ऑल इंडिया कोल माइंस यूनियन, झारखंड से जुड़े मदन सिंह ने सीआईएसएफ मुख्यालय नई दिल्ली के मुख्य सतर्कता अधिकारी सह आईजी (कार्मिक) जोस मोहन को शिकायत दी थी। शिकायत के साथ एक पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराई गई थी। इसमें तीन ऑडियो क्लिप होने की बात सामने आई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि बीसीसीएल कोयला नगर में तैनाती के दौरान संबंधित सीआईएसएफ अधिकारियों की ओर से भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी गतिविधियां की गईं। हालांकि, ये आरोप जांच के विषय हैं और इनकी अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया तथा सीबीआई की जांच के बाद ही होगी।
सीआईएसएफ ने कराई विभागीय जांच
शिकायत मिलने के बाद सीआईएसएफ मुख्यालय की ओर से मामले की विभागीय जांच कराई गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस जांच में दोनों अधिकारियों के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर पाया गया।
जांच के दौरान पेन ड्राइव में मौजूद ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी पड़ताल की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाजों को तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट ओम कुमार तंवर और महिला निरीक्षक राज लक्ष्मी वर्मा की आवाज से मेल खाता पाया गया। इसी आधार पर मामला आगे आपराधिक जांच के लिए भेजा गया।
CBI की FIR में क्या आरोप हैं?
सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर सरकारी पद पर रहते हुए अपने आधिकारिक दायित्वों के निर्वहन के बदले रिश्वत या अनुचित लाभ प्राप्त करने के प्रयास और इसके लिए आपराधिक साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।
News11 Bharat की रिपोर्ट के अनुसार, एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि एफआईआर में आरोप दर्ज होना अपराध साबित होना नहीं है। सीबीआई अब शिकायत, विभागीय जांच की रिपोर्ट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच के निष्कर्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
अब CBI-ACB धनबाद करेगी जांच
मामला दर्ज होने के बाद इसकी जांच सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB), धनबाद को सौंपी गई है। जांच की जिम्मेदारी डीएसपी विकास कुमार पाठक को दी गई है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, ऑडियो रिकॉर्डिंग में हुई बातचीत का वास्तविक संदर्भ क्या है, किसी तरह का वित्तीय लेनदेन या अनुचित लाभ हुआ था या नहीं और इस पूरे मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
इसके अलावा विभागीय जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी सीबीआई की जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
दोनों अधिकारियों का हो चुका है तबादला
मामले में नामजद तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट ओम कुमार तंवर का बीसीसीएल कोयला नगर यूनिट से तबादला जयपुर स्थित 8वीं रिजर्व बटालियन में किया जा चुका है। वहीं तत्कालीन लेडी इंस्पेक्टर राज लक्ष्मी वर्मा की पोस्टिंग तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (टीटीपीएस), ललपनिया में बताई गई है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी तीन ऑडियो क्लिप, सीआईएसएफ की विभागीय जांच और सीबीआई की प्राथमिकी है। अब सीबीआई यह जांच करेगी कि रिकॉर्डिंग में मौजूद बातचीत किस संदर्भ में हुई, क्या इसमें भ्रष्टाचार या अनुचित लाभ से संबंधित कोई लेनदेन था और विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों की स्वतंत्र जांच में भी पुष्टि होती है या नहीं।
इस मामले में आगे सीबीआई की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय होगा कि आरोपों को लेकर आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
एक नजर में
- स्थान: बीसीसीएल कोयला नगर, धनबाद
- जांच एजेंसी: सीबीआई एसीबी, धनबाद
- नामजद अधिकारी: ओम कुमार तंवर और राज लक्ष्मी वर्मा
- पूर्व पद: डिप्टी कमांडेंट और लेडी इंस्पेक्टर, सीआईएसएफ
- शिकायतकर्ता: ऑल इंडिया कोल माइंस यूनियन के मदन सिंह
- साक्ष्य: तीन ऑडियो क्लिप वाली पेन ड्राइव
- शिकायत पर विभागीय जांच: सीआईएसएफ स्तर पर
- आरोप: वित्तीय अनियमितता, रिश्वत/अनुचित लाभ लेने का प्रयास और आपराधिक साजिश
- जांच अधिकारी: डीएसपी विकास कुमार पाठक, सीबीआई एसीबी धनबाद
- वर्तमान स्थिति: सीबीआई की जांच जारी


