धनबाद। धनबाद के सुदामडीह थाना क्षेत्र स्थित थाना बस्ती के ग्रामीणों ने विस्थापन समेत विभिन्न मांगों को लेकर सुदामडीह नंबर-5 रेलवे साइडिंग की ट्रांसपोर्टिंग रोककर विरोध-प्रदर्शन किया। BCKU के जॉइंट सेक्रेटरी गौतम कुमार रवानी के नेतृत्व में महिला और पुरुष ग्रामीण साइडिंग पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक साइडिंग में परिवहन कार्य प्रभावित रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से विस्थापन की मांग को लेकर प्रबंधन से बातचीत करते आ रहे हैं, लेकिन आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो साल से विस्थापन की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।
छह महीने का आश्वासन, दो साल बाद भी इंतजार
ग्रामीणों ने बताया कि थाना बस्ती के विस्थापित परिवारों को प्रबंधन की ओर से छह महीने के भीतर विस्थापित करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन इस आश्वासन को करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी विस्थापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें विस्थापन को लेकर आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन धरातल पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई और उन्होंने सुदामडीह नंबर-5 रेलवे साइडिंग पहुंचकर ट्रांसपोर्टिंग रोकने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों की मांग है कि थाना बस्ती के प्रभावित और विस्थापित परिवारों के लिए जल्द विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए और उन्हें उचित तरीके से पुनर्वासित किया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि विस्थापन के नाम पर लंबे समय तक इंतजार करने की स्थिति अब उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है।
मुख्य रास्ता बंद, गांव के संकरे रास्ते से गुजर रहे वाहन
विस्थापन के अलावा ग्रामीणों ने पाथरडीह से बिरसा पुल जाने वाले मुख्य रास्ते को बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य रास्ता बंद होने के बाद स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
आवागमन के लिए अब ग्रामीणों को गांव के संकरे रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इसी रास्ते से मोटरसाइकिल और अन्य छोटे वाहन भी गुजर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, रास्ता संकरा होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की कि मुख्य रास्ते के बंद होने की स्थिति में आवागमन के लिए उचित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
प्रबंधन से बातचीत के बाद खत्म हुआ आंदोलन
ग्रामीणों के आंदोलन की सूचना मिलने के बाद ईजे एरिया भौंरा के एजीएम एलएल वर्णवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने उनके सामने विस्थापन और आवागमन से जुड़ी अपनी मांगें रखीं।
प्रबंधन की ओर से ग्रामीणों को उनकी मांगों पर जल्द पहल करने का आश्वासन दिया गया। प्रबंधन के सकारात्मक रुख और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
आंदोलन समाप्त होने के बाद सुदामडीह नंबर-5 रेलवे साइडिंग में ट्रांसपोर्टिंग का काम दोबारा शुरू हो गया। इससे कुछ समय तक प्रभावित रहा परिवहन कार्य फिर से सामान्य हो गया।
आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो फिर आंदोलन की चेतावनी
हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आंदोलन फिलहाल प्रबंधन के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर इंतजार कर रहे हैं और अब आश्वासन के बजाय ठोस पहल चाहते हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन की ओर से दिए गए आश्वासन के बावजूद विस्थापन और आवागमन से जुड़ी मांगों पर जल्द पहल नहीं हुई, तो वे दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
BCKU के जॉइंट सेक्रेटरी गौतम कुमार रवानी ने भी ग्रामीणों की मांगों को प्रमुखता से उठाया और कहा कि प्रभावित परिवारों की समस्या का समाधान जल्द होना चाहिए। फिलहाल प्रबंधन के आश्वासन के बाद साइडिंग का काम फिर शुरू हो गया है, लेकिन ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि विस्थापन और रास्ते की समस्या को लेकर प्रबंधन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है।


