हजारीबाग: सरकारी और वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री और फर्जी दाखिल-खारिज से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। 7 अक्टूबर 2026 को विशेष छापामारी टीम ने कार्रवाई करते हुए जमीन विक्रेता विशेश्वर प्रजापति (68), शंकर प्रजापति (62) और रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद (61) को पकड़ा। तीनों न्यायखाप टोला, मुकुंदगंज, मुफस्सिल थाना क्षेत्र, हजारीबाग के रहने वाले हैं। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप
ACB के मुताबिक, मामला वन भूमि, सरकारी जमीन और गैरमजरुआ खास किस्म की जमीन को कथित तौर पर अवैध तरीके से हासिल करने, उसकी बिक्री और गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने से जुड़ा है।
जांच में तत्कालीन अंचलाधिकारी, अंचल निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक और स्थानीय भू-माफियाओं की कथित मिलीभगत के आरोप सामने आए हैं। एजेंसी के अनुसार, जमीन से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड और पूरी प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारियां
यह कार्रवाई ACB हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25, दिनांक 25 सितंबर 2025 के तहत दर्ज मामले में हुई है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(d) के अलावा IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी लगाई गई है।
ACB के अनुसार, इस मामले में इससे पहले तत्कालीन अंचलाधिकारी समेत अन्य सरकारी पदाधिकारी, भू-माफिया, खरीदार और विक्रेताओं को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
तीन नए आरोपियों से आगे बढ़ेगी जांच
नई गिरफ्तारियों के बाद अब एजेंसी जमीन के दस्तावेजों, दाखिल-खारिज की प्रक्रिया और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच आगे बढ़ा रही है। ACB यह भी देख रही है कि सरकारी और वन भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी किस स्तर पर और किन लोगों की भूमिका से हुई।
फिलहाल तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
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