Saturday, October 24

बोकारो। मतदाता सूची में एक भी पात्र नागरिक का नाम छूट न जाए और किसी पात्र व्यक्ति को सरकारी प्रमाण-पत्र के लिए बेवजह इंतजार न करना पड़े, इसे लेकर बोकारो जिला प्रशासन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शनिवार देर शाम जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त अजय नाथ झा ने SIR-2026 की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने और आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन का निर्देश दिया।

समीक्षा के दौरान डीईओ-सह-डीसी ने सभी ईआरओ, एईआरओ एवं अतिरिक्त एईआरओ को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी मतदान केंद्रों पर फॉर्म-06 की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी मतदान केंद्र पर नए मतदाताओं का आंकड़ा शून्य नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिया कि बीएलओ के होम सर्वे के दौरान छूट गए पात्र नए मतदाताओं को चिह्नित किया जाए और फॉर्म-06 के माध्यम से उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। इसके लिए प्रखंडवार फॉर्म-06 की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा संबंधित पदाधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को सक्रियता से कार्य करने को कहा गया।

SIR की प्रक्रिया में न हो कोई प्रशासनिक अड़चन

उपायुक्त ने कहा कि SIR-2026 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से छूट न जाए। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में अनावश्यक देरी नहीं करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए हर स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि SIR की प्रक्रिया में किसी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन न आए।

पात्र का नाम जुड़े, अपात्र की एंट्री न हो

डीईओ-सह-डीसी ने स्पष्ट किया कि SIR से संबंधित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों और प्रावधानों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए। जहां पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराना जरूरी है, वहीं यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।

जाति-आवासीय प्रमाण-पत्र के ऑफलाइन आवेदनों पर भी फोकस

समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने राज्य सरकार के निर्देशों के तहत जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्र के आवेदनों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को आवेदनों की नियमित निगरानी करने तथा पात्र आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन कर प्रमाण-पत्र निर्धारित समय-सीमा में जारी करने का निर्देश दिया।

खास तौर पर ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि ऑफलाइन आवेदन करने वाले पात्र नागरिकों को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और राज्य सरकार के ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी करने संबंधी निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरी दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद पात्र आवेदकों को प्रमाण-पत्र के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े। आवेदनों के सत्यापन और निष्पादन की प्रक्रिया 48 से 72 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रेमचंद सिन्हा समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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