रांची: JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में जारी छात्रों का आंदोलन अब प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है। पिछले करीब 20 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे आंदोलनकारी छात्रों के अगले कदम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
हालांकि छात्रों की ओर से 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कोई औपचारिक ऐलान सामने नहीं आया है, लेकिन संभावित प्रदर्शन की आशंका और खुफिया सूचनाओं के मद्देनजर कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा का घेरा मजबूत किया गया है।
CM आवास की सुरक्षा में बढ़ी फोर्स
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री आवास के आसपास 100 से ज्यादा अतिरिक्त सशस्त्र जवानों की तैनाती किए जाने की जानकारी है। इनमें झारखंड जगुआर और झारखंड आईआरबी के जवान भी शामिल हैं।
इसके अलावा सूचना भवन चौक से राम मंदिर चौक तक बैरिकेडिंग की गई है। मुख्यमंत्री आवास के आसपास लगभग 500 मीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। संवेदनशील इलाकों पर निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई है।
कांके रोड पर बदली यातायात व्यवस्था
सुरक्षा इंतजामों का असर कांके रोड की ट्रैफिक व्यवस्था पर भी पड़ा है। सूचना भवन से एटीआई की ओर जाने वाले मार्ग को बंद किया गया है। वहीं मोरहाबादी और कचहरी चौक की तरफ से कांके रोड आने वाले वाहनों को दूसरे मार्गों से भेजा जा रहा है।
इससे साफ है कि प्रशासन किसी संभावित प्रदर्शन की स्थिति में पहले से ही सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को तैयार रखना चाहता है।
क्या है छात्रों की मांग?
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन में छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और कथित पेपर लीक व अनियमितताओं की जांच शामिल है।
छात्र विशेष रूप से JPSC सिविल सेवा और JSSC-CGL परीक्षाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
10 अगस्त के टकराव के बाद और बढ़ा तनाव
आंदोलन के दौरान 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इसके बाद लाठीचार्ज की भी बात सामने आई थी।
इस कार्रवाई के बाद आंदोलनकारी छात्रों की ओर से आंदोलन को आगे और तेज करने की बात कही गई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री आवास के आसपास अचानक बढ़ाई गई सुरक्षा को आंदोलन के संभावित अगले चरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
विपक्ष भी सरकार पर हमलावर
छात्र आंदोलन के मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार राज्य सरकार को घेर रहे हैं। भाजपा की ओर से भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन और मुख्यमंत्री आवास घेराव की कोशिश की जा चुकी है, जिसके दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।
फिलहाल 20 अगस्त को लेकर छात्रों की ओर से कोई आधिकारिक घेराव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री आवास के आसपास प्रशासन की तैयारियों ने सियासी और प्रशासनिक हलचल जरूर बढ़ा दी है। अब सबकी नजर छात्रों के अगले कदम और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी है।
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