Friday, September 11

तमाड़ प्रखंड क्षेत्र के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुंदला में शिक्षा व्यवस्था शिक्षकों की कमी से जूझ रही है। केजी से लेकर आठवीं कक्षा तक संचालित इस विद्यालय में करीब 96 विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी फिलहाल सिर्फ एक पारा शिक्षक के भरोसे है। ऐसे में पांच कमरों और सीमित संसाधनों वाले इस स्कूल में बच्चों की पढ़ाई किस तरह हो रही होगी, इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।

तीन शिक्षकों से घटकर एक पर पहुंचा स्कूल

पारा शिक्षक मधुसूदन मुंडा के अनुसार, कुछ समय पहले विद्यालय में तीन शिक्षक कार्यरत थे। सितंबर 2025 में पारा शिक्षक भरत लाल शाह का शिक्षक पद पर चयन होने के बाद उन्होंने स्कूल छोड़ दिया। इसके बाद जनवरी में सरकारी शिक्षिका शाहवती देवी का दूसरे जिले में तबादला हो गया। दोनों शिक्षकों के जाने के बाद विद्यालय में सिर्फ मधुसूदन मुंडा ही रह गए।

पांच कमरों में चल रहा स्कूल, पुरानी बिल्डिंग जर्जर

विद्यालय में कुल पांच कमरे हैं, जिनमें से एक कमरे का इस्तेमाल कार्यालय के रूप में किया जाता है। वहीं पुरानी दो कमरों की इमारत काफी जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल की जरूरतों को देखते हुए कम से कम आठ कमरों की आवश्यकता है। कमरों की कमी और शिक्षक की कमी, दोनों मिलकर बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने अधिकारियों को सौंपा मांग पत्र

ग्रामीण छोटू लोहरा, बुधन लाल मुंडा, जगमोहन सिंह मुंडा और वार्ड सदस्य पवन सिंह मुंडा समेत अन्य लोगों ने बताया कि विद्यालय में शिक्षक की नियुक्ति को लेकर विधायक, जिला शिक्षा अधीक्षक, बुंडू अनुमंडल पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मांग किए करीब आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। विधायक विकास कुमार मुंडा ने कहा कि विभाग को समस्या की जानकारी दे दी गई है और जल्द ही कुंदला विद्यालय में शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी।

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