Tuesday, October 13

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया उद्घाटन समारोह में शिरकत, तीन दिवसीय सम्मेलन में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और उन्नत चिकित्सा तकनीकों पर होगी चर्चा

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में चिकित्सा ज्ञान, शोध और आधुनिक उपचार तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ANEICON 2026 का शुभारंभ हुआ। एसोसिएशन ऑफ न्यूरोसाइंटिस्ट्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया (ANEI) के इस वार्षिक सम्मेलन का आयोजन झारखंड न्यूरोसाइंसेज सोसाइटी (JNS) के संयुक्त तत्वावधान में होटल चाणक्य बीएनआर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय सम्मेलन में पूर्वी भारत सहित देश के विभिन्न हिस्सों से न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, शोधकर्ता और चिकित्सा विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन का मुख्य विषय “न्यूरल ब्रिजेस: कनेक्टिंग डिस्कवरी, डायग्नोस्टिक्स एंड थेराप्यूटिक्स” रखा गया है। इसका उद्देश्य तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में नई खोजों, बेहतर निदान और आधुनिक उपचार पद्धतियों के बीच समन्वय स्थापित करना है। आयोजन के पहले दिन व्यावहारिक चिकित्सा प्रशिक्षण और दर्द प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया।

डॉ. आर. प्रसाद मेमोरियल वर्कशॉप से हुई शुरुआत

सम्मेलन के पहले दिन डॉ. आर. प्रसाद मेमोरियल पेन इंटरवेंशन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में दर्द प्रबंधन, न्यूरो-पैलिएटिव केयर और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं के उपचार पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की।

आयोजकों के अनुसार, कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। लाइव डेमोन्स्ट्रेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को दर्द की पहचान, उसके प्रभावी प्रबंधन और आधुनिक उपचार तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। खास तौर पर लंबे समय से न्यूरोलॉजिकल दर्द से जूझ रहे मरीजों के उपचार और न्यूनतम चीरा लगाकर की जाने वाली चिकित्सा प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई।

इस सत्र का उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम उपचार विधियों से परिचित कराना और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में व्यावहारिक कौशल विकसित करना था।

उद्घाटन समारोह में शामिल हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ

दिनभर चले वैज्ञानिक और शैक्षणिक सत्रों के बाद शाम को होटल चाणक्य बीएनआर के बॉलरूम में सम्मेलन का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इसमें रांची के सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर उन्होंने झारखंड में चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ प्रशिक्षण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए ANEI और JNS के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने में आधुनिक तकनीक, सटीक निदान और उन्नत उपचार सुविधाओं के महत्व पर जोर दिया।

सम्मेलन में विशेषज्ञों के एक मंच पर जुटने को चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान और नई तकनीकों से परिचित होने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

आधुनिक न्यूरोसाइंस और मरीजों के बेहतर इलाज पर जोर

ANEICON 2026 का मुख्य उद्देश्य केवल वैज्ञानिक जानकारियों का आदान-प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें मरीजों के उपचार में उपयोगी बनाना भी है। तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों की पहचान, जटिल न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का प्रबंधन और आधुनिक उपचार तकनीकों का उपयोग सम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल हैं।

विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चाओं से चिकित्सकों को नए शोध, निदान की आधुनिक पद्धतियों और उपचार के विकसित होते तरीकों को समझने का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में मरीजों की जरूरतों के अनुरूप बेहतर उपचार रणनीतियां विकसित करने में मदद मिल सकती है।

आयोजन समिति ने क्या कहा?

आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनिल कुमार और डॉ. संजय कुमार तथा आयोजन सचिव डॉ. उज्जवल रॉय और डॉ. विराट हर्ष ने कहा कि ANEICON 2026 की शुरुआत आधुनिक न्यूरोसाइंस की व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है।

उन्होंने बताया कि दर्द प्रबंधन कार्यशाला और उद्घाटन समारोह के माध्यम से चिकित्सा विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और मरीजों के उपचार में सुधार के लिए संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्ध नई जानकारियों को व्यवहार में लाना और झारखंड सहित पूर्वी भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सहयोग बढ़ाना है।

अगले दो दिनों में होंगे व्याख्यान, शोध प्रस्तुतियां और पैनल चर्चाएं

तीन दिवसीय सम्मेलन के आगामी कार्यक्रमों में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के प्रमुख विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा युवा शोधकर्ताओं को अपने शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। विभिन्न विषयों पर शोध सार प्रस्तुतियां और प्रतियोगिताएं भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।

सम्मेलन में आधुनिक निदान तकनीकों, तकनीक आधारित उपचार पद्धतियों और न्यूरोसाइंस में हो रहे नए विकास पर उच्चस्तरीय पैनल चर्चाएं भी प्रस्तावित हैं।

कुल मिलाकर, ANEICON 2026 रांची में चिकित्सा विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को एक मंच पर लाने की पहल है। सम्मेलन के जरिए आधुनिक न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में ज्ञान, प्रशिक्षण और शोध को बढ़ावा देने के साथ मरीजों के बेहतर इलाज के लिए नए विचारों और संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।

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