एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने आखिरकार स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म कर दिया है। कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह की भारतीय जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने मौजूदा एशियाई खेलों में अपना दूसरा गोल्ड मेडल हासिल कर लिया है, जबकि शूटिंग में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक है।

फाइनल में भारत का दबदबा
अची-नागोया में आयोजित 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम के फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ बनाए रखी। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में लगातार शानदार स्कोर करते हुए प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाए रखी।
फाइनल में भारत ने कुल 484.6 अंक हासिल किए और शीर्ष स्थान पर रहते हुए गोल्ड मेडल पक्का किया। दक्षिण कोरिया की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसे रजत पदक मिला। वहीं ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। इंडोनेशिया चौथे स्थान पर रहा।
शुरुआत से ही आगे रहा भारत
भारतीय जोड़ी ने मुकाबले की शुरुआत से ही बेहतरीन तालमेल दिखाया। पहले चरण में भारत ने 103.0 अंक के साथ अच्छी शुरुआत की और आगे बढ़ते हुए 202.4 तथा 303.5 के स्कोर तक पहुंचा।
इसके बाद दूसरे चरण में भी कमलजीत और सुरुचि ने अपनी बढ़त कायम रखी। एक समय भारत का स्कोर 364.7 अंक तक पहुंच चुका था और टीम दक्षिण कोरिया तथा ईरान से आगे चल रही थी। 18 शॉट के बाद भी भारतीय जोड़ी शीर्ष पर बनी रही।
फाइनल के निर्णायक दौर में दक्षिण कोरियाई जोड़ी ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय निशानेबाजों ने दबाव के बीच अपना संयम बनाए रखा। भारत ने 424.9 अंक के बाद अंतिम दौर में भी शानदार प्रदर्शन किया और अंततः 484.6 अंक के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।
शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों से काफी उम्मीदें थीं। प्रतियोगिता में भारत ने शूटिंग में कई पदक हासिल किए, लेकिन स्वर्ण पदक का इंतजार बना हुआ था। कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने इस इंतजार को खत्म करते हुए शूटिंग में भारत को पहला गोल्ड दिलाया।
इससे पहले भारतीय निशानेबाजों ने विभिन्न स्पर्धाओं में रजत और कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक तालिका में अहम योगदान दिया था। अब 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में गोल्ड मिलने के बाद भारतीय शूटिंग दल के प्रदर्शन को और मजबूती मिली है।
भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक
कमलजीत और सुरुचि की जीत के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या दो हो गई है। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था।
इस तरह शूटिंग ने भारत को प्रतियोगिता का दूसरा गोल्ड दिलाया है। खास बात यह है कि यह स्वर्ण पदक ऐसे समय आया है, जब भारतीय निशानेबाज लगातार पदक जीतकर भारत की चुनौती को मजबूत कर रहे हैं।
कमलजीत-सुरुचि की जोड़ी ने दिखाया शानदार तालमेल
10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में दोनों खिलाड़ियों के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है। फाइनल के दौरान भारतीय जोड़ी ने दबाव के बावजूद लगातार सटीक निशाने लगाए और अपनी बढ़त को बरकरार रखा।
मुकाबले के अंतिम चरण में दक्षिण कोरिया की जोड़ी ने चुनौती जरूर पेश की, लेकिन कमलजीत और सुरुचि ने महत्वपूर्ण शॉट्स में धैर्य दिखाया। यही प्रदर्शन भारत को स्वर्ण पदक तक ले गया।
कमलजीत और सुरुचि की इस उपलब्धि ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग अभियान को नई मजबूती दी है। अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें प्रतियोगिता की बाकी शूटिंग स्पर्धाओं पर भी रहेंगी, जहां भारत के पदक खाते में और इजाफा होने की उम्मीद है।
कमलजीत और सुरुचि का यह स्वर्ण एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए एक अहम उपलब्धि है। शूटिंग में गोल्ड का इंतजार खत्म होने के साथ भारतीय दल ने प्रतियोगिता में अपनी चुनौती को और मजबूत कर दिया है।


