गिरिडीह: गिरिडीह के बंदरकुप्पी में गुरुवार देर रात एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर (बभनटोली) निवासी ऋतिक यादव उर्फ बड्डी यादव (24) के रूप में हुई है। ऋतिक के पिता झारखंड पुलिस में दरोगा (अवर निरीक्षक) हैं और फिलहाल हजारीबाग जेल में तैनात हैं।

घटना रात करीब 11 बजे गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग स्थित मैगी पॉइंट के पास हुई।
8-10 युवकों ने घेरकर हमला किया, दोस्त ने बताया पूरा घटनाक्रम
ऋतिक के दोस्त शुभम दास के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10:30 बजे वह ऋतिक यादव और राजा गुप्ता के साथ कार से बंदरकुप्पी स्थित मैगी पॉइंट पहुंचा था। इसी दौरान पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह निवासी सतीश यादव अपने करीब 8-10 साथियों के साथ वहां पहुंचा।
शुभम का आरोप है कि युवकों ने वहां पहुंचते ही ऋतिक और उसके साथियों को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। पहले मुक्कों से हमला किया गया। इसके बाद बांस की फराठी से ऋतिक को लगातार पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा।
हमले में शुभम और राजा के भी घायल होने की जानकारी है।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
गंभीर रूप से घायल ऋतिक को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। ऋतिक की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सदर अस्पताल पहुंच गए।
पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया
घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना प्रभारी ज्ञान रंजन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू की।
पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। नगर थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो भी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ऋतिक यादव की हत्या की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है।
हमले की वजह तलाश रही पुलिस
बताया जा रहा है कि ऋतिक यादव छात्र मोर्चा से भी जुड़ा था। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ऋतिक पर हमला क्यों किया गया और वारदात में शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या थी।
पुलिस की जांच में आरोपों की पुष्टि और घटना की पूरी वजह सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर साफ होगी। घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
इसे भी पढ़े – एशियन गेम्स 2026: शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड, कमलजीत-सुरुचि की जोड़ी ने रचा इतिहास


