Thursday, October 15

धनबाद/झरिया: धनबाद के अग्निप्रभावित इलाकों में भू-धसान की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। छाताबाद और केंदुआडीह के बाद अब झरिया के लिलौरी पतरा की बीच बस्ती में जमीन धंसने की घटना ने एक बार फिर इलाके में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को तेज आवाज के साथ अचानक जमीन धंसी और देखते ही देखते वहां बड़ा गोफ बन गया। आसपास के कुछ घरों में दरारें आने की भी जानकारी सामने आई है।

अचानक जमीन धंसने की आवाज से बस्ती में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल के आसपास जमा हो गए। घटना के बाद कई परिवारों में डर का माहौल है। लगातार हो रही बारिश के बीच लोगों को आशंका है कि जमीन के धंसने की घटनाएं आगे भी हो सकती हैं।

एक के बाद एक भू-धसान की घटनाओं से बढ़ी चिंता

धनबाद के कोयलांचल के कई इलाकों में भू-धसान कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन लगातार बारिश के बीच हाल के दिनों में सामने आ रही घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कभी सड़क के किनारे जमीन धंसने की खबर सामने आती है तो कहीं बस्तियों के आसपास गोफ बन जाता है।

छाताबाद और केंदुआडीह के बाद अब लिलौरी पतरा में हुई घटना ने इस समस्या की गंभीरता को फिर सामने ला दिया है। खास चिंता उन इलाकों को लेकर है, जहां भू-धसान के संभावित खतरे के बीच अब भी बड़ी संख्या में परिवार रह रहे हैं।

तेज आवाज के बाद धंसी जमीन, घरों में आई दरारें

लिलौरी पतरा की बीच बस्ती में रविवार को अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज के बाद जब स्थानीय लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो घरों के आसपास जमीन का एक हिस्सा धंसा हुआ था और वहां बड़ा गोफ बन गया था।

स्थानीय लोगों के अनुसार, भू-धसान के बाद आसपास के कुछ घरों में दरारें भी दिखाई दी हैं। घटना के बाद कुछ परिवार एहतियात के तौर पर अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। लोगों का कहना है कि उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि अगर दोबारा जमीन धंसी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

सैकड़ों परिवारों पर मंडरा रहा खतरा?

स्थानीय लोगों के मुताबिक, लिलौरी पतरा की बस्ती में बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं और इलाके में लंबे समय से भू-धसान को लेकर चिंता बनी हुई है। बारिश के बीच अचानक हुई घटना ने इस डर को और बढ़ा दिया है।

लोगों का कहना है कि उनके लिए यह सिर्फ जमीन धंसने की घटना नहीं, बल्कि घर, परिवार और भविष्य की सुरक्षा का सवाल है। उनका आग्रह है कि प्रशासन और BCCL की टीम मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके का निरीक्षण करे और खतरे की वास्तविक स्थिति का आकलन करे।

घंटों बाद भी अधिकारियों के नहीं पहुंचने का आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के कई घंटे बाद तक BCCL प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है।

लोगों का कहना है कि भू-धसान जैसी संवेदनशील घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण जरूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आसपास के घर और लोग सुरक्षित हैं या नहीं।

पुनर्वास की मांग के बीच बेलगड़िया टाउनशिप पर भी सवाल

भू-धसान की घटनाओं के बीच प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा भी एक बार फिर सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ परिवारों को बेलगड़िया टाउनशिप में आवास दिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में परिवार अब भी पुनर्वास से वंचित हैं।

वहीं, स्थानीय लोगों की ओर से बेलगड़िया टाउनशिप में बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी समस्याएं बताई गई हैं। लोगों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण कुछ परिवार वहां जाकर रहने को लेकर हिचकिचा रहे हैं।

बारिश ने बढ़ाई चुनौती

फिलहाल लगातार बारिश ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। अग्निप्रभावित और भू-धसान प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बारिश के दौरान जमीन की स्थिति को लेकर चिंता बनी रहती है।

ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन और BCCL संवेदनशील इलाकों का तत्काल सर्वे कराएं, भू-धसान वाले स्थानों की निगरानी बढ़ाएं और जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करें।

साथ ही लोगों ने लंबे समय से लंबित पुनर्वास के मुद्दे पर भी ठोस कार्रवाई की मांग की है। क्योंकि धनबाद में भू-धसान की घटनाएं अब सिर्फ खबर नहीं रह गई हैं, बल्कि इन इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए यह रोजमर्रा की सुरक्षा का सवाल बनती जा रही हैं।

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