रांची: झारखंड में प्रस्तावित लोकसभा और विधानसभा परिसीमन को लेकर आदिवासी समाज के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने 30 अगस्त 2026 को रांची के मोरहाबादी मैदान में ‘आदिवासी एकता महाजुटान’ का आह्वान किया है। बंधु तिर्की ने कहा कि परिसीमन को सिर्फ निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं तय करने की प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसका सीधा असर झारखंड में आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर पड़ सकता है। उन्होंने राज्य के आदिवासी समाज से…
Author: Sanjana Kumari
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