चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना प्रभारी सह पुलिस अवर निरीक्षक (SI) मनीष कुमार को जमशेदपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ACB की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, थाना प्रभारी पर बंदगांव थाना कांड संख्या 07/2025 में दर्ज NDPS एक्ट के मामले से आरोपी का नाम हटाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का विधिवत सत्यापन कराया और सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई।
शिकायतकर्ता ने ACB से की थी शिकायत
ACB की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जमशेदपुर को एक लिखित आवेदन दिया गया था। आवेदन में शिकायतकर्ता बिजयराय मुंडू, पिता मसीह मुंडू, निवासी कारिका, थाना बंदगांव ने आरोप लगाया कि बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार की ओर से उन्हें बताया गया कि बंदगांव थाना कांड संख्या 07/2025, NDPS एक्ट के मामले में उनके भाई लाहो मुंडू उर्फ गुडूस का नाम है।
शिकायत के अनुसार, उक्त मामले से नाम हटाने के लिए थाना प्रभारी मनीष कुमार ने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए पूरे मामले की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी और कार्रवाई का अनुरोध किया।
ACB ने कराया मामले का सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद ACB जमशेदपुर के पदाधिकारी ने आवेदन में लगाए गए आरोपों का विधिवत सत्यापन कराया। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि सत्यापन के क्रम में आरोपी पुलिस अवर निरीक्षक मनीष कुमार, थाना प्रभारी बंदगांव की ओर से 15 हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।
सत्यापन रिपोर्ट और शिकायतकर्ता के लिखित आवेदन के आधार पर ACB जमशेदपुर थाना कांड संख्या 04/2026, दिनांक 19 अगस्त 2026, दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधित अधिनियम-2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज कर ट्रैप की कार्रवाई के लिए धावा दल का गठन किया गया।
15 हजार रुपये लेते ही ACB ने किया गिरफ्तार
ACB की ओर से गठित धावा दल ने निर्धारित योजना के तहत कार्रवाई की। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रैप की कार्रवाई के दौरान आरोपी मनीष कुमार ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये रिश्वत की रकम ली। रिश्वत की रकम लेते ही ACB की टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
यह गिरफ्तारी 20 अगस्त 2026 को की गई। यानी शिकायत और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन ACB ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी पुलिस अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा गया।
NDPS मामले में नाम हटाने के एवज में रिश्वत का आरोप
पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिश्वत की कथित मांग किसी सामान्य सरकारी काम को लेकर नहीं, बल्कि NDPS एक्ट के एक मामले में आरोपी का नाम हटाने के एवज में किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार, पहले 20 हजार रुपये की मांग की गई थी, जबकि ACB के सत्यापन के दौरान 15 हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसी रकम को लेते हुए थाना प्रभारी को गिरफ्तार किया गया।
ACB की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि गिरफ्तारी के बाद विधि-सम्मत अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल ACB की इस कार्रवाई के बाद बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर सामने आई है। हालांकि, आरोपी पर लगाए गए आरोपों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।


