नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026: FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम पूरी तरह तैयार है। टूर्नामेंट में भारत आठवीं बार विश्व कप के मंच पर उतरेगा। नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाली इस वैश्विक प्रतियोगिता में 16 टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। भारतीय टीम की कप्तानी झारखंड की सलीमा टेटे करेंगी, जबकि टीम के मुख्य कोच Sjoerd Marijne हैं।
भारत को पूल-D में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगी। इसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से मुकाबला होगा। भारत के तीनों पूल मैच नीदरलैंड्स के Wagener Hockey Stadium, Amstelveen में खेले जाएंगे।
अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों पर दांव
भारतीय टीम में अनुभव और युवा जोश का अच्छा मिश्रण देखने को मिल रहा है। गोलकीपर के रूप में सविता और बिचु देवी खरिबाम टीम का हिस्सा हैं। 36 वर्षीय सविता 313 अंतरराष्ट्रीय मैचों के अनुभव के साथ टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह भारतीय महिला खिलाड़ी के सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों के रिकॉर्ड से अब सिर्फ सात मैच दूर हैं। वहीं बिचु देवी 65 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं।
डिफेंस में इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुखरंबम, लालथंतलुआंगी, ज्योति और शिल्पी दाबस को जिम्मेदारी दी गई है। सुशीला चानू 262 मैचों के अनुभव के साथ डिफेंस को मजबूती देंगी, जबकि लालथंतलुआंगी और शिल्पी दाबस जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए यह विश्व कप बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का मौका होगा।
सलीमा टेटे के हाथों में टीम की कमान
मिडफील्ड में निकी प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, सलीमा टेटे, नेहा और दीपिका सोरेंग शामिल हैं।
24 वर्षीय सलीमा टेटे 155 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव लेकर टीम की अगुआई करेंगी। उनकी तेज गति, लगातार मेहनत और मैदान पर नेतृत्व क्षमता भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण होगी। सलीमा झारखंड के सिमडेगा जिले से आती हैं और भारतीय महिला हॉकी में लंबे समय से अहम भूमिका निभा रही हैं।
वहीं 18 वर्षीय साक्षी राणा टीम की सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उनके अलावा 19 वर्षीय सुनेलिता टोप्पो भी मिडफील्ड में अपनी गति और ऊर्जा से टीम को मजबूती देंगी।
फॉरवर्ड लाइन में नवनीत और दीपिका पर नजर
भारतीय आक्रमण की जिम्मेदारी लालरेमसियामी, रुतुजा दादासो पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग के कंधों पर होगी।
नवनीत कौर 211 अंतरराष्ट्रीय मैचों के अनुभव के साथ टीम की प्रमुख आक्रामक खिलाड़ियों में हैं। उनकी तेज मूवमेंट और पेनल्टी कॉर्नर पर डायरेक्ट हिट करने की क्षमता विपक्षी टीमों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।
वहीं दीपिका भारतीय टीम के लिए अहम एक्स-फैक्टर साबित हो सकती हैं। वह आक्रमण में अपनी गति और गोल करने की क्षमता के साथ पेनल्टी कॉर्नर पर भारत की प्रमुख ड्रैगफ्लिकर भी हैं।
11 खिलाड़ियों का होगा विश्व कप डेब्यू
इस बार भारतीय टीम की खास बात यह है कि 20 सदस्यीय दल में 11 खिलाड़ी पहली बार विश्व कप में उतरेंगी। इनमें लालथंतलुआंगी, शिल्पी दाबस, इशिका चौधरी, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, दीपिका सोरेंग, दीपिका, रुतुजा दादासो पिसाल, इशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग शामिल हैं।
इससे साफ है कि टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नई पीढ़ी को भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
भारत के सामने कठिन चुनौती
पूल-D में भारत के सामने चीन, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसी टीमें होंगी। ऐसे में शुरुआती तीन मुकाबले भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। टीम हाल के प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास के साथ टूर्नामेंट में उतर रही है। भारत ने FIH Hockey Women’s Nations Cup 2025-26 जीतकर FIH Hockey Pro League में प्रमोशन हासिल किया है।
मुख्य कोच Sjoerd Marijne ने भी टीम के सामने लगातार बेहतर प्रदर्शन करने और विश्व की शीर्ष आठ टीमों में जगह बनाने का लक्ष्य रखा है। उनके मुताबिक टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की नेतृत्व क्षमता और विश्व कप में पदार्पण करने वाली खिलाड़ियों की ऊर्जा का संयोजन महत्वपूर्ण होगा।
भारत के पूल मुकाबले
- 16 अगस्त: भारत बनाम चीन
- 18 अगस्त: भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका
- 20 अगस्त: भारत बनाम इंग्लैंड
तीनों मुकाबले Wagener Hockey Stadium, Amstelveen, Netherlands में खेले जाएंगे। भारत की नजर अब मजबूत शुरुआत के साथ अगले दौर में जगह बनाने पर है। सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम के सामने चुनौती बड़ी है, लेकिन हालिया प्रदर्शन और अनुभवी-युवा खिलाड़ियों के संतुलन ने भारतीय टीम की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं।


