दिव्यांग क्रिकेट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, पूर्व सांसद एवं सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी लेखी को दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया (DCCBI) की चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगरा में आयोजित ‘दिव्यांग क्रिकेट अवार्ड 2026’ समारोह के दौरान उनके नाम की घोषणा की गई।
DCCBI भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम और भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम की गतिविधियों के संचालन और दिव्यांग क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मीनाक्षी लेखी ने खिलाड़ियों, बोर्ड पदाधिकारियों और आयोजकों को संबोधित करते हुए दिव्यांग क्रिकेट को देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प जताया।
खिलाड़ियों से बोलीं मीनाक्षी लेखी-कर्म करते रहिए, रास्ते खुलते जाएंगे
समारोह में मीनाक्षी लेखी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कर्म सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि राजकुमार होने के बावजूद उन्होंने माता-पिता के आदेश का पालन करते हुए वनवास स्वीकार किया। उन्होंने खिलाड़ियों को भी पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और प्रतिभा देश के लिए गौरव की बात है। दिव्यांग खिलाड़ियों को सिर्फ खेल के मैदान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सम्मान, अवसर और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
DCCBI अध्यक्ष ने कहा: बोर्ड को एक मां की जरूरत थी
DCCBI के अध्यक्ष मुकेश कंचन ने मीनाक्षी लेखी का स्वागत करते हुए कहा कि बोर्ड को उनके रूप में एक ऐसी मार्गदर्शक मिली हैं, जो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और संघर्ष करने की प्रेरणा देंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि मीनाक्षी लेखी के अनुभव और मार्गदर्शन से दिव्यांग क्रिकेट को नई दिशा मिलेगी।
वहीं, व्हीलचेयर यूनिट के अध्यक्ष डॉ. भगवान तलवारे ने भी नई चेयरपर्सन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी लेखी का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सरोकार दिव्यांग क्रिकेट को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बोर्ड में कई नई जिम्मेदारियां भी तय
समारोह के दौरान DCCBI में कई अन्य पदों पर भी जिम्मेदारियां सौंपी गईं। नीरज अशोक शर्मा को सीनियर वाइस चेयरपर्सन, खालिद अब्बास को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO), नीरज शर्मा को डायरेक्टर फाइनेंस और राजस्थान रॉयल्स के पूर्व IPL खिलाड़ी अजित चंदेला को डायरेक्टर टेक्निकल बनाया गया।
बोर्ड का कहना है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और दिव्यांग क्रिकेट के विकास को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है।
भारत-श्रीलंका-नेपाल के बीच त्रिकोणीय सीरीज की तैयारी
DCCBI की ओर से दिव्यांग क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए जल्द ही मुंबई में भारत, श्रीलंका और नेपाल के बीच त्रिकोणीय दिव्यांग क्रिकेट श्रृंखला आयोजित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता से तीनों देशों के दिव्यांग खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
बोर्ड पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि मीनाक्षी लेखी के नेतृत्व में भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम और भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम को नई ऊर्जा मिलेगी और देशभर के दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने के नए अवसर तैयार होंगे।
झारखंड की महिमा उरांव बनीं ‘प्लेयर ऑफ द ईयर’
आगरा में आयोजित दिव्यांग क्रिकेट अवार्ड 2026 समारोह झारखंड के लिए भी खास रहा। राज्य की दिव्यांग पैरा क्रिकेट खिलाड़ी महिमा उरांव को ‘प्लेयर ऑफ द ईयर – दिव्यांग वुमेन्स क्रिकेट’ के सम्मान से नवाजा गया।
महिमा उरांव को यह सम्मान मिलना झारखंड के दिव्यांग क्रिकेट और राज्य के खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। इससे राज्य के अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
DCCBI का लक्ष्य देश के दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों को सम्मान, अवसर और बेहतर मंच उपलब्ध कराना है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।


