Tuesday, September 22

क्या आपके नाम पर कोई ऐसा सिम चल रहा है, जिसके बारे में आपको जानकारी ही नहीं? या आपने अपना सिम किसी अनजान को दे रखा है? अगर हां, तो सतर्क हो जाइए। दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत ऐसे मामलों में 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है, और उस नंबर से हुए अपराध की कानूनी जिम्मेदारी मूल मालिक की भी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में हुआ बड़ा खुलासा

यह एडवाइजरी हाल ही में छत्तीसगढ़ में भंडाफोड़ हुए एक बड़े सिम धोखाधड़ी रैकेट के बाद जारी की गई है। वहां एक पॉइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंट ने आम नागरिकों की जानकारी और सहमति के बिना उनके पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर 25 मोबाइल कनेक्शन अवैध रूप से एक्टिवेट कर दिए थे। मामला सामने आते ही सरकार और टेलीकॉम कंपनियों ने मिलकर कार्रवाई की और उस एजेंट को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, ताकि वह भविष्य में कोई सिम कार्ड न बेच सके।

डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ने पकड़ा फ्रॉड

इन 25 अवैध नंबरों का पता लगाने में दूरसंचार विभाग के डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) की अहम भूमिका रही। इस सिस्टम ने नंबरों की संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पकड़ लिया। इसके बाद सभी संदिग्ध नंबरों का री-वेरिफिकेशन कराया गया और जो नंबर इसमें विफल रहे, उन्हें तुरंत डीएक्टिवेट कर दिया गया।

कानून में क्या हैं सख्त प्रावधान?

DoT ने आगाह किया है कि टेलीकॉम संसाधनों का गलत इस्तेमाल देश की सुरक्षा और नागरिकों की प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा है। नए कानून के तहत ये गतिविधियां गंभीर अपराध मानी गई हैं:

फर्जी दस्तावेजों पर सिम लेना: किसी और के नाम पर या नकली आईडी पर सिम कार्ड एक्टिवेट कराना।
सिम किराए पर देना या बेचना: अपना सिम किसी अनजान व्यक्ति को देना या बेचना। अगर उस नंबर से कोई अपराध होता है, तो कानूनी जिम्मेदारी मूल मालिक की होगी।
IMEI नंबर से छेड़छाड़: मोबाइल फोन के यूनिक पहचान कोड (IMEI) को बदलना।

संचार साथी पोर्टल पर करें जांच

मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाएं जितनी तेजी से बढ़ रही हैं, साइबर फ्रॉड के मामले भी उतनी ही तेजी से सामने आ रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि टेलीकॉम नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे समय-समय पर सरकार के संचार साथी पोर्टल पर जाकर जरूर जांचें कि उनके नाम पर कितने सिम एक्टिवेट हैं, ताकि किसी भी कानूनी मुसीबत से बचा जा सके।

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